🔳 दिल्ली में पुलिस को संदिग्ध परिस्थितियों में घुमता मिला
🔳 सूचना पर दिल्ली में रहने वाले बेतालघाट निवासी समाजसेवी ने गांव में साधा संपर्क
🔳 कड़ी से कड़ी मिली और मिल गई किशोर के गांव की जानकारी
🔳 पुलिस की निगरानी में बुआ को सौंपा
[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
दिल्ली के मोहन गार्डन में संदिग्ध परिस्थितियों में घुम रहे किशोर को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में सही जानकारी न मिलने पर पुलिस ने आसपास के थानों को सूचना भेज जानकारी जुटाने का प्रयास किया। दिल्ली में रहने वाले बेतालघाट निवासी सुरेंद्र हाल्सी की सक्रियता से पुलिस ने किशोर को सकुशल उसकी बुआ को सौंप दिया।
शुक्रवार को मोहन गार्डन पुलिस को गस्त के दौरान एक किशोर संदिग्ध परिस्थितियों में घुमाता मिला। पूछताछ में किशोर ने अपना नाम मनीष बताया पर आगे की सही जानकारी नहीं दे सका। पुलिस टीम किशोर को लेकर थाने पहुंची तथा आसपास जानकारी जुटाने का प्रयास किया। सूचना पर बेतालघाट निवासी व वर्तमान में दिल्ली में रह रहे सुरेन्द्र हाल्सी थाने पहुंचे। किशोर से बातचीत कर थोड़ी बहुत जानकारी जुटाने के बाद बेतालघाट के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य दिलिप सिंह नेगी से संपर्क साधा। दिलिप सिंह नेगी ने ऊंचाकोट निवासी पीआरडी जवान आंनद सिंह को मामले की जानकारी दी तो किशोर का ऊंचाकोट में ननिहाल होने की पुष्टि हुई। सभी लोगों के आसपास संपर्क साधने पल किशोर के ताड़ीखेत ब्लॉक के स्यूं गांव निवासी होने की जानकारी मिली। सुरेन्द्र सिंह हाल्सी ने स्वजनों से संपर्क साधा तथा पुलिस की निगरानी में किशोर को दिल्ली में रहने वाली उसकी बुआ के सुपुर्द कर दिया गया। स्वजनों ने पुलिस टीम ने सुरेन्द्र हाल्सी, दिलिप सिंह नेगी व आंनद सिंह शास्त्री का आभार व्यक्त किया। किशोर गांव से दिल्ली कैसे पहुंचा इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि पुलिस व कई लोगों की सक्रियता से किशोर गलत हाथों में जाने से बचा लिया गया।
