🔳 तैनात विशेषज्ञ ने बांड पूरा होने के बाद पकड़ी वापसी की राह
🔳 बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने से क्षेत्रवासियों हुए परेशान
🔳 पूर्व में सीएचसी में ही उपलब्ध हो रही थी सेवा
🔳 चिकित्सा प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को भेजा नई तैनाती को पत्र
🔳 पंचायत प्रतिनिधियों व व्यापारियों ने जल्द नई तैनाती की उठाई मांग
[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे तथा सैकड़ों गांवों के मध्य में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी अब बाल रोग विशेषज्ञ विहीन हो गया है। अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ का बांड पूरा होने व चिकित्सक के चले जाने से संकट गहरा गया है। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों व पंचायत प्रतिनिधियों ने अस्पताल में जल्द नई तैनाती किए जाने की मांग उठाई है। अनदेखी पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। चिकित्सा प्रभारी डा. सतीश पंत के अनुसार उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है।
तमाम गांवों के मध्य में स्थित होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी की महत्वत्ता काफि अधिक है। दूरदराज के गांवों से ग्रामीण उपचार को यहां पहुंचते हैं। चार वर्ष पूर्व व्यापारियों के एक महीने तक चले आंदोलन के बाद दबाव में आए स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की। बाल रोग विशेषज्ञ की बेहतर कार्यशैली से ग्रामीणों को बच्चों के इलाज में काफी सुविधा मिली। बाल रोग विशेषज्ञ डा. साक्षी ने बकायदा बेतालघाट सीएचसी में भी सप्ताह में दो दिन सेवाएं दी। बीते फरवरी में विशेषज्ञ चिकित्सक का बांड पूरा होने के बाद अब उन्होंने वापसी कर ली है जिससे सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त हो गया है। सुविधा न मिलने से ग्रामीण बच्चों को लेकर हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा, काशीपुर आदि क्षेत्रों में भटकने को मजबूर हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक के न होने से बच्चों को लेकर सूदूर गांवों से अस्पताल पहुंच रहे ग्रामीण मायूस होकर लौटने को विवश हो चुके हैं। क्षेत्रिय जन विकास संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया की जब बांड समाप्ति की ओर था तो स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व से ही अस्पताल में तैनाती करनी चाहिए थी। अब लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मनीष तिवारी, गजेन्द्र सिंह नेगी, फिरोज अहमद, शिवराज सिंह बिष्ट, संजय सिंह बिष्ट, राकेश जलाल, मनोज बिष्ट आदि ने चेतावनी दी है की यदि जल्द तैनाती नहीं की गई तो फिर एक ओर जनांदोलन की तैयारी की जाएगी। चिकित्सा प्रभारी डा. सतीश पंत के अनुसार बाल रोग विशेषज्ञ मामले को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जा चुका है।