🔳 ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश से एकाएक बढ़ जाता है बहाव
🔳 जान जोखिम में डाल नहाने उतर रहे पर्यटक
🔳 बच्चों व परिवार के सदस्यों को छोड़ दें रहे बहते पानी के बीच
🔳 बहाव हुआ तेज तो बड़ी अनहोनी आ सकती है सामने
🔳 विभागीय संगठनों से जुड़े लोगों ने आवाजाही प्रतिबंधित करने की उठाई मांग
[[[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]]

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाइवे पर तमाम स्थानों पर बहने वाले बरसाती नालों में जान जोखिम में डाल नहाने उतर रहे पर्यटकों की जिंदगी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश होने पर बरसाती नालों का वेग बढ़ जाता है बावजूद खतरे को दरकिनार कर पर्यटक घंटों तक बरसाती नालों में मौज मस्ती व सेल्फी में व्यस्त हैं। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने खतरे का सबब बन चुके बरसाती नालों में आवाजाही प्रतिबंधित करने व चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग उठाई है।
कैंची व पर्यटक स्थलों को आवाजाही करने वाले पर्यटक अपनी जिंदगी खुद ही जोखिम में डाल रहे हैं। हाइवे पर पाडली, निगलाट, कैंची, रामगाढ़ आदि तमाम क्षेत्रों में बहने वाले बरसाती नालों को पर्यटकों ने नहाने व मौज मस्ती का अड्डा बना लिया है। हालत यह है की पर्यटक बरसाती नालों में जगह जगह बच्चों व परिवार के सदस्यों को साथ लेकर नहाने उतर रहे हैं। घंटों तक पानी में सेल्फी में जुट रहे हैं जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की सी बारिश होने पर ही बरसाती नालों का उफान बढ़ जाता है। बरसाती नालों में बहकर आने वाले भारी भरकम बोल्डरों व मलबे से हाइवे पर भी आवाजाही ठप हो जाती है। पानी का रोद्र वेग भारी तबाही मचा देता है ऐसे में नालों में नहाने व मौज मस्ती में जुटे पर्यटकों की जिंदगी पर भी जोखिम बना हुआ है बावजूद खतरे को दरकिनार कर पर्यटक घंटों तक बरसाती नालों में समय बीता रहे हैं। व्यापारी नेता विरेन्द्र सिंह बिष्ट, मनीष तिवारी, गजेन्द्र सिंह, गोविन्द सिंह नेगी, फिरोज अहमद, राकेश जलाल, विक्रम सिंह, दीवान सिंह, मनोज सिंह बिष्ट आदि ने बरसाती नालों में आवाजाही सख्ती से प्रतिबंधित करने तथा सभी स्थानों पर चेतावनी बोर्ड स्थापित करने की मांग उठाई है। अंदेशा जताया है की यदि समय रहते आवाजाही प्रतिबंधित नहीं की गई तो कभी भी बड़ी अनहोनी सामने आ सकती है।

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