◾ प्रकिया में शामिल ठेकेदार ने टेंडर प्रक्रिया पर उठाए सवाल
◾ प्रकिया को दी हाइकोर्ट में चुनौती, मिला स्टे
◾ लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से किए जाने हैं कार्य
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित गरमपानी – खैरना क्षेत्र को बाढ़ के थपेड़ों की चपेट में आने से बचाने को बजट स्वीकृत होने के बाद अब मामला फिर अधर में लटक गया है। टेंडर प्रक्रिया में शामिल रहे एक ठेकेदार ने प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है। हाईकोर्ट से फिलहाल स्टे के आदेश हुए हैं। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता आरबी सिंह के अनुसार विभाग का पक्ष रखा जाएगा। उम्मीद है कि पक्ष सुना जाएगा तथा मानसून से पूर्व सुरक्षात्मक कार्य करवाए जा सकेंगे।
दो वर्ष पूर्व अक्टूबर माह में मुसलाधार बारिश के बाद उफान में आई शिप्रा नदी ने गरमपानी से खैरना क्षेत्र तक भारी तबाही मचाई। कई लोग घर से बेघर हो गए तो कई लोगों के आवासीय भवनों को भारी नुकसान पहुंचा। लगातार बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य की आवाज उठी तो दो वर्ष बाद बामुश्किल लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य को हरी झंडी मिली। क्षेत्रवासियों को भी उम्मीद जगी की अब बाढ़ से नुकसान का सामना नहीं करना पड़ेगा पर अभी टेंडर शुक्रिया होने के बाद काम की शुरुआत ही हो सकी थी कि टेंडर प्रक्रिया में शामिल एक ठेकेदार ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर उसे हाई कोर्ट में चुनौती दे दी है। मामले में हाईकोर्ट से स्टे लग गया है और बाढ़ सुरक्षा कार्य रोक दिए गए है। बाढ़ सुरक्षा कार्य रुकने पर लोगों ने गहरी नाराजगी जताई है। विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। संबंधित विभाग के अधिक्षण अभियंता आरबी सिंह के अनुसार हाइकोर्ट में विभाग का पक्ष रखा जाएगा। उम्मीद है पक्ष सुनने के बाद कार्य शुरू करने की अनुमति मिलेगी ताकि मानसून से पूर्व सुरक्षात्मक कार्य शुरु कराए जा सकें।
