🔳 आश्रम में हनुमान चालीसा के बाद अब अंखड रामायण पाठ शुरु
🔳 15 जून तक रात दिन अनवरत बनेगा महाप्रसाद
🔳 महाआरती, भोग के बाद बाबा भक्तों को कराया जाएगा उपलब्ध
🔳 कारसेवा को विभिन्न राज्यों से कैंची धाम पहुंचे बाबा भक्त
🔳 तीस हजार से भी अधिक बाबा भक्तों ने टेका मत्था
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
देश विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र सुप्रसिद्ध नींब करौरी आश्रम में विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद मालपुए महाप्रसाद निर्माण का श्रीगणेश हो गया है। बाबा नींब करौरी के जयकारों के बीच लकड़ी की भट्टी में अग्नि प्रज्जवलित कर मथुरा व वृंदावन से पहुंचे कारीगरों ने महाप्रसाद बनाने शुरु कर दिए वहीं हनुमान चालीसा पाठ के बाद अब आश्रम में अंखड रामायण पाठ भी शुरु हो गया है। 15 जून को महाआरती व भोग के बाद महाप्रसाद का वितरण शुरु कर दिया जाएगा।
शुक्रवार को आश्रम परिसर में विशेष मंत्रोचार के साथ विधी विधान के साथ हनुमान चालीसा व विनय चालिसा पाठ के साथ बाबा नींब करौरी के समय की लकड़ी की भट्टी में अग्नि प्रज्जवलित की गई। बाबा नींब करौरी के जयकारों के साथ वृंदावन व मथुरा से पहुंचे 45 सदस्यीय विशेष कारीगरों की टीम ने मालपुए महाप्रसाद बनाने का श्रीगणेश किया। महाप्रसाद बनाने का कार्य 15 जून तक अनवरत चलेगा। आश्रम में बीते कई दिनों से किए जा रहे हनुमान चालीसा पाठ के बाद अब अखंड रामायण पाठ शुरु कर दिया गया है। विभिन्न राज्यों से पहुंचे सैकड़ों बाबा भक्त अखंड रामायण पाठ में जुटे हुए हैं। आश्रम प्रबंधन ने कारसेवकों को जिम्मेदारी सौप परिचय पत्र भी उपलब्ध करा दिए हैं वहीं अलग अलग राज्यों से कारसेवा को पहुंचे बाबा भक्तों को आश्रम में आवास भी आवंटित कर दिए गए हैं। आश्रम प्रबंधन से जुड़े शैलेश साह के अनुसार 15 जून को महाआरती व भोग के बाद सुबह छह बजे से महाप्रसाद वितरण शुरु कर दिया जाएगा। बाबा भक्तों से बढ़कर भागीदारी का आह्वान किया है।
तीस हजार से भी अधिक बाबा भक्तों ने टेका मत्था
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर कैंची धाम स्थित नींब करौरी आश्रम में रोजाना आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। सैकड़ों किलोमीटर दूर से श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचकर बाबा के दर पर शीश झुकाते हैं। शुक्रवार को भी सुबह से ही सैकड़ों भक्त कैंची धाम पहुंचे। दिन चढ़ने के साथ ही दोपहर में एक बजे के आसपास संख्या पंद्रह हजार तक पहुंच गई। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा के दर पर मत्था टेका। शाम तक मंदिर गेट पर लगी डीएफएमबी मशीन पर श्रदालुओं की संख्या तीस हजार से अधिक रिकोर्ड की गई। श्रद्धालुओं को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए मंदिर प्रबंधन ने विशेष व्यवस्था तैयार की है।
