🔳 कैंची क्षेत्र में बिखरा दिखा बच्चों का पौष्टिक आहार
🔳 मामले के सामने आने पर विभिन्न संगठनों ने जताई नाराजगी
🔳 सीडीपीओ ने सप्लायर को ठहराया जिम्मेदार
🔳 नोटिस भेज कार्रवाई किए जाने की कही बात
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
सरकार से आंगनबाड़ी केंद्र के नौनिहालों व गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले टेक होम राशन (टीएचआर) को हाईवे किनारे फेंके जाने से तमाम गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आंगनबाड़ी के नौनिहालों के पौष्टिक आहार की बर्बादी पर लोगों ने गहरा रोष भी जताया है। सीडीपीओ अनीता सक्सेना के अनुसार डिपो से केंद्र में पहुंचाने वाले सप्लायर को नोटिस भेज कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत नौनिहालों व गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को पौष्टिक आहार के रुप में दलिया, मिलेट्स, बाल भोग लड्डू, खिचड़ी समेत कई अन्य सामग्री उपलब्ध कराती है। देहरादून से बड़े वाहनों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में बनाए गए डिपो में टेक होम राशन पहुंचने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों तक आपूर्ति की जाती है पर टेक होम राशन की केंद्रो तक आपूर्ति करने वाले सप्लायर की मनमानी से पौष्टिक आहार की बर्बादी का मामला सामने आया है। पौष्टिक आहार के कट्टों को अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर फेंके जाने व विभिन्न सामग्री के जमीन में गिरने से हड़कंप मच गया। बच्चों व गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को उपलब्ध कराए जाने वाले पौष्टिक आहार की बर्बादी तथा हाईवे पर फेंके जाने से हड़कंप मच गया वहीं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने टेक होम राशन की दुर्गति पर गहरी नाराजगी जताई। आरोप लगाया की सरकार पौष्टिक आहार उपलब्ध करा रही है दूसरी ओर आहार की बर्बादी की जा रही है। मामले में कार्रवाई पर जोर दिया। बाल विकास विभाग की सीडीपीओ अनीता सक्सेना के अनुसार सप्लायर को राशन को केंद्र तक पहुंचाना चाहिए। हाईवे पर क्यो फेंका गया इसके लिए सप्लायर को नोटिस भेज मामले में कार्रवाई भी की जाएगी।
