🔳 देखरेख के अभाव में बारात घर हो चुके विरान
🔳 दरवाजे खिड़कियां टूटी, झाड़ियों ने डाला डेरा
🔳 लाखों रुपये की सरकारी धनराशि से बनकर हुए थे तैयार
🔳 गांवों में बने बारात घरों को दुरुस्त किए जाने की उठी मांग
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के नोडा व गजार गांव में लाखों रुपये की सरकारी धनराशि से बने बारातघर विरान पड़ चुके हैं। अनदेखी व रखरखाव न होने से बारात घर के दरवाजे खिड़कियां टूट चुके हैं। चारों ओर बड़ी बड़ी झाड़ियों से घिरे बारातघर अनदेखी की हकीकत बयां कर रहे हैं।
सरकार ने गांवों में गरीब परिवारों के लड़के लड़कियों को शादी व अन्य कार्यक्रमों के उद्देश्य से लाखों रुपये की सरकारी धनराशि से बारात घरों का निर्माण करवाया। नोडा तथा गजार गांव में भी बारातघर के अस्तित्व में आने से ग्रामीणों को फायदा मिलने की उम्मीद जगी पर अनदेखी व रखरखाव के अभाव में वर्तमान में बारातघर बदहाल स्थिति में पहुंच गए हैं। बारात घरों की बदहाली के कारण वहां शादी विवाह व अन्य कार्यक्रम भी नहीं हो रहे। विरान हो चुके बारात घरों के दरवाजे खिड़कियां तक टूट चुके हैं जबकि चारों ओर उगी बड़ी बड़ी झाड़ियां बारात घर की बदहाली बयां कर रही है। कई बार ग्रामीण स्थित में सुधार की मांग भी उठा चुके हैं बावजूद सुध नहीं ली जा रही। क्षेत्र पंचायत सदस्य माया आर्या ने बारातघरों की स्थिति में सुधार करने की मांग उठाई है। बीडीओ बेतालघाट पंकज जोशी के अनुसार एडीओ समाज कल्याण व ग्राम्य विकास अधिकारी से रिपोर्ट मांगी जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।