🔳 डूबने की घटनाएं रोकने को बधाई विशेष रणनीति
🔳 ख़तरे वाले स्थानों पर आवाजाही होगी प्रतिबंधित, लगेंगे चेतावनी बोर्ड
🔳 खतरा टालने को पुलिस को भी गस्त के निर्देश
🔳 ग्राम प्रधान व सरपंचों के माध्यम से भी होगी निगरानी
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
तापमान बढ़ने के साथ ही पहाड़ की सैर पर निकले पर्यटकों के जान जोखिम में डाल कोसी व शिप्रा नदी क्षेत्र में नहाने उतरने के मामले में तीखी नजर समाचार पोर्टल में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद श्री कैंची धाम तहसील प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। उपजिलाधिकारी मोनिका ने दोनों नदियों में खतरे वाले स्थानों पर आवाजाही प्रतिबंधित करने के साथ ही चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश जारी कर दिए है। एसडीएम के अनुसार पुलिस को भी गस्त के लिए कहा गया है। नदियों से सटे गांवों के ग्राम प्रधान व सरपंचों की मदद से भी निगरानी कर्रवाई जाएगी।
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे के समीप बहने वाली कोसी व शिप्रा नदी में नहाने के दौरान कई लोग बेमौत मारे जा चुके हैं। पहाड़ की सैर पर निकलने वाले पर्यटक नदी की गहराई व भंवर का सही अंदाजा न होने से नदी में नहाने तो उतर जाते है पर वापस लौटकर नहीं आ पाते। कोसी व शिप्रा नदी में लगभग एक दर्जन से भी अधिक लोग काल के गाल में समा चुके हैं। अब एक बार फिर तापमान में बढ़ोतरी होने के साथ ही पर्यटक नदियों में नहाने उतर रहे हैं जिससे अनहोनी का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। बीते 19 अप्रैल को तीखी नजर समाचार पोर्टल ने पर्यटकों की जिंदगी पर मंडरा रहे खतरे की ओर ध्यान खिंच प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के साथ ही श्री कैंची धाम तहसील प्रशासन हरकत में आ गया है। उपजिलाधिकारी मोनिका ने मामले को गंभीरता से ले शिप्रा व कोसी नदी क्षेत्र में खतरे वाले स्थानों को चिह्नित कर आवाजाही प्रतिबंधित करने तथा चेतावनी बोर्ड स्थापित करने के निर्देश जारी कर पुलिस से भी लगाया गस्त कर पर्यटकों को नदी क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकने को कहा है। एसडीएम के अनुसार घटनाओं को टालने के लिए कोसी व शिप्रा नदी से सटे गांवों के पंचायत प्रतिनिधियों व सरपंचों से भी मदद ली जाएगी। लोगों को जागरुक करने के साथ ही मॉनिटरिंग के लिए भी कहा जाएगा।
