🔳 विशेष सफाई अभियान चलाकर किया गया कूड़ा निस्तारण
🔳 स्वयंसेवियों ने योगासन के जरिए सीखें स्वस्थ रहने के तरीके
🔳 बेतालघाट ब्लॉक के रोपा गांव में एनएसएस का सात दिवसीय विशेष शिविर
🔳 महाविद्यालय के प्राचार्य ने कई अहम जानकारियां दे शिविर का लाभ उठाने का किया आह्वान
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
शहीद खेम चंद्र डोर्बी राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट के रोपा गांव में लगे एनएसएस शिविर में स्वयंसेवियों ने विशेष सफाई अभियान चलाकर ग्रामीणों को जागरुक किया। नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को साफ सफाई के फायदे बताए। योग शिक्षक ने स्वयंसेवियों को योगाभ्यास करवाया।
गुरुवार को एनएसएस शिविर का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. विनय कुमार विद्यालंकार ने किया। प्राचार्य ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर स्वयंसेवियों को विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कहा कि मनुष्य जीवन के लिए दो तत्वों की आवश्यकता है। ज्ञान तथा कर्म। जो जाना वह ज्ञान है तथा उस ज्ञान को अपने कार्यों में लाना कर्म है।भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद व अथर्ववेद को बताया। प्रकृति को ज्ञान परंपरा की सबसे बड़ी प्रयोगशाला बताया। कहा कि सर्व कल्याण की भावना वेदों में निहित है। प्रत्येक मनुष्य के कर्तव्यों को बताते हुए भौतिक, व्यक्तिगत व सामाजिक उन्नति पर प्रकाश डाला ।ऋग्वेद में नारी की महत्ता को बताते हुए अपाला, घोषा, गार्गी आदि के योगदान पर प्रकाश डाला। कहा कि वेदों में नारी को गृहिणी, देवी, रक्षक, ध्वज वाहिनी तथा राष्ट्र को गति प्रदान करने वाली बताया गया है। स्वयंसेवियों ने आसपास सफाई अभियान चलाकर कूड़े का निस्तारण किया। नुक्कड़ नाटक के जरिए क्षेत्रवासियों को स्वच्छता के फायदे बताए। कार्यक्रम का संचालन डा. तरुण कुमार आर्या ने किया। योग शिक्षक संतोष भारती ने स्वयंसेवियों को सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, वीरभद्रासन, भुजंग आसान आदि योग करा योगासन से स्वस्थ रहने के फ़ायदे बताए। इस दौरान सहायक प्राध्यापक डा.जयति दीक्षित, डा. ईप्सिता सिंह, डा. निर्मला, कार्यक्रम अधिकारी ममता पांडे, हिमानी बिष्ट, बबीता करगेती, पूजा जोशी, पूजा, बबीता, सरोजनी, निकिता बधानी, छाया पन्त, पूजा आदि मौजूद रहे।
