🔳 आबादी तक आग पहुंचने से दहशत में आए ग्रामीण
🔳 महिलाओं, ग्रामीणों व बच्चों ने चलाया आग बुझाने को अभियान
🔳 मध्य रात्रि बामुश्किल पाया जा सका काबू
🔳 हवा के तेज झोंकों ने बढ़ाई आग की लपटों की रफ्तार
🔳 गांव बचाने उतरे लोगों ने बावजूद नहीं मानी हार
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के गांवों से सटे जंगलों में आग का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। मध्य रात्रि जंगल से उठी आग की लपटे खैरनी गांव के नजदीक तक पहुंचने से हड़कंप मच गया। गांव के लोगों ने विशेष अभियान चलाकर बामुश्किल आग पर काबू पाया। आबादी के नजदीक तक पहुंची आग को समय रहते बुझाए जाने से बड़ी घटना टल गई।कोसी घाटी में एक के बाद एक जंगलों के आगे से राख होने के बाद अब लपटें आबादी की ओर रुख करने लगी है। बीती रात जंगल से उठी आग की लपटों के खैरनी गांव के नजदीक तक पहुंचने से गांव में अफरातफरी मच गई। दहशत में आए ग्रामीणों ने आग की लपटों पर काबू पाने को मोर्चा संभाला। ग्राम प्रधान अजय सिंह की अगुवाई में आग बुझाने को जुटे ग्रामीण घंटों मशक्कत करते रहे पर हवा के तेज झोंकों ने लपटों को विकराल कर दिया। भीषण हुई लपटों ने कई बार ग्रामीणों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया पर गांव के लोगों ने भी हार नहीं मानी। मध्य रात्रि तक महिलाओं व ग्रामीणों ने बामुश्किल आग पर काबू पा लिया। घंटों जद्दोजहद के बाद आखिरकार गांव पर मंडरा रहे खतरे को टालने के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से जंगलों को आग से बचाने की पुरजोर मांग उठाई है। इस दौरान दान सिंह, पंकज सिंह, बालम सिंह, गणेश, अंकित, चंदन, महेश समेत तमाम महिलाएं मौजूद रहीं।