🔳 कोसी घाटी में तस्करों का है मजबूत नेटवर्क
🔳 पहाड़ जाने वाले वाहनों से सिलेंडर उतार होती है कालाबाजारी
🔳 लंबे समय से रसोई गैस तस्कर पुलिस प्रशासन व पूर्ति विभाग के देते आए हैं चुनौती
🔳 धड़ल्ले से होता है काला कारोबार बावजूद नहीं हो सकी है कार्रवाई
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

व्यवसायिक व घरेलू रसोई गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी रोकना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर लंबे समय से गैस माफिया सक्रिय हैं बावजूद आज तक पुलिस प्रशासन के हाथ माफिया के गिरेबान तक नहीं पहुंच सके हैं। लंबे समय से कालाबाजारी का खेल जारी है बावजूद आज तक माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस प्रशासन नाकाम साबित हो चुक है।
अमेरिका, इजरायल व इरान युद्ध से रसोई गैस संकट गहराने से सरकार ने फिलहाल व्यवसायिक सिलेंडरों की बिक्री पर रोक लगने व घरेलू सिलिंडरों के लिए हो रही मारामारी से कालाबाजारी शुरु होने का अंदेशा बढ़ गया है। पहले ही कोसी घाटी के गरमपानी खैरना व आसपास के क्षेत्रों में रसोई गैस तस्करों का नेटवर्क बेहद मजबूत है। धड़ल्ले से कालाबाजारी के बावजूद आज तक तस्करी के खेल का खुलासा नहीं हो सका है। रसोई गैस की कालाबाजारी में लिप्त तस्कर पर्वतीय क्षेत्रों को सिलिंडर लेकर जाने वाले वाहनों से सिलिंडर उतार मनमाने दामों पर जरुरतमंदों को बेचते आए हैं। खुलेआम कालाबाजारी को अंजाम देने के बावजूद पुलिस प्रशासन व पूर्ति विभाग तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त नहीं कर सका। रसोई गैस तस्कर धड़ल्ले से कालाबाजारी को अंजाम दे जिम्मेदारों को चुनौती देते आए हैं। पूर्ति निरीक्षक अनीता पंत के अनुसार लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार छापामारी अभियान भी चलाया जाएगा।