🔳 जंगल क्षेत्र में खदान में जुटे नेपाली श्रमिक
🔳 पत्थर तस्कर लंबे समय से सक्रिय बावजूद वन विभाग बेपरवाह
🔳 हरे भरे जंगल में खदान से भविष्य में बड़ी घटना का खतरा
🔳 रातों को डंपरों में पत्थर भरकम
लगाए जा रहे ठिकाने
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के सूदूर ताड़ीखेत क्षेत्र में थुआ का हरा-भरा जंगल पत्थर तस्करी का अड्डा बन गया है बावजूद वन विभाग की कुभकरणीय नींद नहीं टूट रही। खनन तस्कर नेपाली श्रमिकों के माध्यम से जंगल क्षेत्र में खदान पर धड़ल्ले से तस्करी को अंजाम देने पर आमादा है। ग्रामीणों ने खदान पर अंकुश न लगने से भविष्य में भूस्खलन का खतरा बढ़ने का अंदेशा जता मामले में कार्रवाई पर जोर दिया है।
ताड़ीखेत क्षेत्र से सटे थुआ के जंगल में लंबे समय से पत्थर तस्करों की सक्रियता के बावजूद वन विभाग के साथ ही पुलिस प्रशासन भी अनदेखी पर आमादा हो चुका है। तस्कर नेपाली मूल के श्रमिकों के जरिए जंगल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। घोड़े खच्चर के माध्यम से जंगल को नुकसान पहुंचा निकाले गए पत्थरों को मुख्य सड़क तक पहुंचाया जा रहा है जहां से रात के अंधेरे में डंपरों के जरिए चोरी के पत्थरों को बिल्डरों को औने पौने दामों में बिर्की की जा रही है। पत्थर तस्कर मुनाफे के फेर में जंगल को नुकसान पहुंचा रहे पर जिम्मेदारों की कुंभकरणीय नींद नहीं टूट रही। ग्रामीणों ने आरोप लगाया की कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद तस्करी पर अंकुश नहीं लग रहा। यहीं हालत रहे तो जंगल क्षेत्र से भविष्य में बड़ी आपदा सामने आ सकती है। मामले में कार्रवाई किए जा की मांग दोहराई है।