🔳 समुचित व्यवस्था न होने से वाहन चालक व स्थानीय लोग भी परेशान
🔳 वाहनों की बढ़ती संख्या से वन भूमि पर बनी पार्किंग पड़ी छोटी
🔳 पार्किंग से बाहर वाहन पार्क होने पर हो जाते हैं चालान
🔳 विभिन्न संगठनों ने दिया अस्थाई पार्किंग निर्माण पर जोर
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर गरमपानी खैरना क्षेत्र में पार्किंग वाहन चालकों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। समुचित व्यवस्था न होने से वाहन चालक पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का दंश झेलने को मजबूर हैं। खैरना स्थित पार्किंग में समुचित वाहन पार्क न होने से चालकों को बाजार क्षेत्र में वाहन पार्क करने पड़ रहे हैं जहां वाहनों के चालान कर दिए जा रहे हैं। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल व टैक्सी यूनियन ने क्षेत्र में सरकारी भूमि चिह्नित कर पार्किंग निर्माण कराए जाने की मांग उठाई है।
हाईवे पर स्थित गरमपानी खैरना बाजार क्षेत्र तमाम गांवों के मध्य में स्थित है। यहां से आसपास के धनियाकोट, सिल्टोना, सिमलखा, बजेडी, बारगल, बेतालघाट, सुयालबाड़ी, बोहरा गांव, हिडा़म, धारी, खैरनी समेत तमाम गांवों को टैक्सी वाहनों का संचालन किया जाता है। पूर्व में व्यापार मंडल व टैक्सी यूनियन के संघर्ष से वन विभाग की भूमि पर अस्थाई टैक्सी स्टैंड स्थापित किया गया जिससे वाहन चालकों को काफि हद तक राहत मिली पर लगातार वाहनों की बढ़ती संख्या से अब वन भूमि पर बनी पार्किंग भी छोटी पड़ गई है। पार्किंग न होने से वाहन चालकों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में वाहन चालक हाईवे किनारे वाहनों को पार्क कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन के अभियान चलाए जाने पर वाहनों के हाईवे किनारे पार्क मिलने पर चालान कर दिए जा रहे हैं। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी, मनीष तिवारी, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा मंडल अध्यक्ष फिरोज अहमद के अनुसार वाहनों की पार्किंग को समुचित व्यवस्था न होने से वाहन चालकों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों की बढ़ती संख्या से बाजार में आए दिन जाम की स्थिति बन जा रही है। टैक्सी यूनियन अध्यक्ष प्रताप सिंह गौणी, क्षेत्रिय जन विकास संघर्ष समिति उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विजय कुमार, गोविंद सिंह नेगी, मनोज सिंह बिष्ट, संजय सिंह आदि ने गरमपानी से खैरना बाजार तक जगह जगह खाली पड़ी सरकारी भूमि को चिह्नित कर अस्थाई पार्किंग बनाए जाने पर जोर दिया है जिससे वाहन चालकों के साथ ही क्षेत्र के लोगों को भी राहत मिल सकें।
