🔳 हादसे से कोसी घाटी में मचा हड़कंप, घटना स्थल पर लगा जमावड़ा
🔳 एसडीआरएफ, पुलिस व स्थानीय लोगों ने चलाया रेस्क्यू अभियान
🔳 ग्रामीणों ने खस्ताहाल सड़क को माना दुर्घटना का कारण
🔳 लंबे समय से खतरा बढ़ने के बावजूद सुध न लेने पर जताई नाराजगी
🔳 हादसे से गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो रो कर बुरा हाल
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]
शहीद बलवंत सिंह भुजान बर्धो मोटर मार्ग की बदहाली से वाहन चालक की जिंदगी खत्म हो गई। मोटर मार्ग पर धारी उडियार क्षेत्र में डंपर के खाई में गिरने से चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। एसडीआरएफ, पुलिस व स्थानीय लोगों ने चालक के शव को बामुश्किल डंपर से बाहर निकाला। मोटर मार्ग की खस्ताहालत से क्षेत्रवासियों ने गहरी नाराजगी जताई। बेतालघाट पुलिस ने शव का पंचायतनामा भर पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भेजा।
बेतालघाट ब्लॉक के सोनगांव निवासी जगत बोहरा (45) पुत्र प्रताप सिंह बुधवार मध्य रात्रि खैरना से डंपर यूके 12 सीए 0585 से बर्धो गांव की ओर रवाना हुआ। जगत भुजान बर्धो मोटर मार्ग पर धारी उडियार क्षेत्र में पहुंचा ही था की एकाएक वाहन मोटर मार्ग से कोसी नदी क्षेत्र की ओर जा गिरा। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। डंपर गिरने की आवाज सुन ग्राम प्रधान कमल जंतवाल स्थानीय लोगों के साथ घटनास्थल की ओर दौड़े। सूचना पर एसडीआरएफ छड़ा इकाई व बेतालघाट पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। दुर्घटनाग्रस्त डंपर के अंदर फंसे वाहन चालक के शव को बामुश्किल बाहर निकाला गया। हादसे की जानकारी मिलने पर मृतक के गांव से भी ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक के स्वजनों का रो रो कर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने खस्ताहाल सड़क को दुर्घटना का कारण माना है। बेतालघाट पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नैनीताल भेज दिया है। इस दौरान एसडीएम इंचार्ज राम सिंह बोरा, पुष्कर जीना, गणेश मेहरा, अमित टम्टा, कमल जोशी, विपुल भट्ट, दीपक जंतवाल, कैलाश मेहरा, वीरेंद्र जंतवाल, धर्मेंद्र नेगी, पंकज जंतवाल आदि मौजूद रहे।
हादसे से मृतक के गांव में पसरा मातम
गरमपानी : शहीद बलवंत सिंह भुजान बर्धो मोटर मार्ग पर बुधवार मध्य रात्रि हुए हादसे में बेहद मिलनसार स्वभाव के डंपर चालक जगत बोरा की मौत से गांव के लोग स्तब्ध हैं। घटना की सूचना के बाद से ही सोनगांव में मातम पसर गया है। स्वजनों का भी रो रो कर बुरा हाल है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार जगत बेहद सरल स्वभाव के होने से गांव में सबके प्रिय थे। लोगों के हर काम में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने से वह सबके चहेते थे। हादसे के बाद से लोग बेहद दुखी हैं।
