🔳 ग्रामीणों के साथ छोटे छोटे बच्चें भी आग बुझाने में जुटे
🔳 पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बामुश्किल पाया आग पर काबू
🔳 सूचना के बावजूद वन विभाग के न पहुंचने पर ग्रामीणों में रोष
🔳 महज दावों तक सीमित रहने का लगाया आरोप
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के सिल्टोना गांव से सटे जंगल में धधकी आग के आबादी तक पहुंचने से हड़कंप मच गया। वन विभाग को सूचना देने के बावजूद वनकर्मियो के न पहुंचने व लगातार खतरा बढ़ते देख स्थानीय ग्रामीण व छोटे छोटे बच्चें आग बुझाने उतरे। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बामुश्किल आग पर काबू पाया जा सका। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताई।
सर्दियों में जंगलों में धधक रही आग अब आबादी तक पहुंचने लगी है। एक के बाद एक जंगलों के आग से राख होने से वन संपदा को भी भारी नुकसान पहुंच चुका है। थुआ, बुधलाकोट, जाख के जंगल में आग धधकने के बाद सिल्टोना गांव से सटे जंगल में आग धधक उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। आग की लपटों के आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने से ग्रामीण दहशत में आ गए। वन विभाग को भी मामले की सूचना दी गई पर काफी देर इंतजार के बाद वन कर्मियों के न पहुंचने व आग की लपटों से लगातार खतरा बढ़ने से ग्रामीण खुद ही आग बुझाने में जुट गए। स्वजनों को आग बुझाने में जुटा देख नौनिहालों ने भी मोर्चा संभाल लिया। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बामुश्किल आग पर काबू पा खतरा टाला जा सका। स्थानीय किशोर कुमार ने आरोप लगाया कि वन विभाग को घटना के कुछ समय पहले व एक दिन पूर्व भी जंगल क्षेत्र में आग लगने की सूचना दी गई बावजूद सुध नहीं ली गई। वन विभाग के लापरवाह रवैए पर रोष जताया। जंगल में धधकी आग से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। इस दौरान पितांबर, हेम चन्द्र, पदी राम, गीता देवी, सीमा देवी, हेमा देवी, अजय, विजय, आदित्य, करन, मोनिका, अंकिता, आरती, माही आदि आग बुझाने में जुटे रहे।