🔳 निर्माण कार्यों में धड़ल्ले से किया जा रहा घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल
🔳 ब्लाक निर्माण में भी डाले जा रहे बड़े बड़े पत्थर
🔳 विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने लगाया बजट ठिकाने लगाने का आरोप
🔳 विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
🔳 जिलाधिकारी बोले – स्वयं करुंगा निरीक्षण
[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]
अल्मोड़ा व नैनीताल जनपद की सीमा पर क्वारब क्षेत्र में हाईवे के विकल्प के तौर पर तैयार किया जा रहे बाईपास पर गुणवत्ताविहीन निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर बजट ठिकाने लगाने की तैयारी की जा रही है बावजूद लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अफसरों की कुंभकरणीय नींद नहीं टूट रही। महत्वपूर्ण बाइपास निर्माण में घटिया कार्यो से भविष्य में निर्माण कार्यो के टिके रहने की संभावना पर भी संशय मंडराने लगा है। जिलाधिकारी अल्मोड़ा अंशुल सिंह के अनुसार जल्द ही स्थलीय निरीक्षण करुंगा। गुणवत्ताविहीन कार्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
कुमाऊं की महत्वपूर्ण लाइफ लाइन पर क्वारब क्षेत्र में हाईवे के अस्तित्व पर संकट मंडराने के बाद राज्य सरकार ने सुगम यातायात को क्वारब के नजदीक से कोसी नदी होते हुए बाईपास निर्माण का फैसला लिया। कई दौर के सर्वे के बाद प्रस्ताव तैयार किए जाने के बाद सरकार ने दस करोड़ रुपये से अधिक के बजट को स्वीकृति दी। बजट उपलब्ध होने से तमाम दिक्कतों से निजात मिलने की उम्मीद जगी पर अभी शुरुवाती चरण में ही बाइपास निर्माण को किया जा रहा कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने लगे हैं। नदी क्षेत्र में नियमों की धज्जियां उड़ाकर मिट्टी मिश्रित रेत से निर्माण होने से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं जबकि ब्लाक निर्माण में भी धड़ल्ले से डाले जा रहे बड़े बड़े पत्थर विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बाइपास निर्माण में लोक निर्माण विभाग के अफसरों की नाक के नीचे किए जा रहे घटिया कार्यों से करोड़ों रुपये के बजट से किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट ने महत्वपूर्ण बाइपास निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री व ब्लाक निर्माण में बड़े बड़े पत्थरों के इस्तेमाल पर गहरी नाराजगी जताई है। आरोप लगाया की गुणवत्ताविहीन कार्य कर सरकारी बजट को ठिकाने लगाया जा रहा है बावजूद अनदेखी की जा रही है। क्षेत्रिय जन विकास संघर्ष समिति अध्यक्ष मनीष तिवारी, कुबेर सिंह जीना, संजय सिंह बिष्ट, मनोज सिंह, दिलीप सिंह, सुनील मेहरा, कुलदीप खनायत ने मामले में कार्रवाई कर घटिया कार्यों को ध्वस्त कर दोबारा निर्माण किए जाने की मांग उठाई है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता हर्षित गुप्ता के अनुसार घटिया रेत का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। कार्यदाई संस्था को निर्देशित भी कर दिया गया है।
