🔳 गांवों में अलग अलग पदों के लिए कई युवा मैदान में
🔳 स्नातक व परास्नातक की डिग्री लेकर अब गांव की सरकार चलाने का इरादा
🔳 शिक्षित युवा कर रहे मतदाताओं से पढ़ा लिखा जनप्रतिनिधि चुनने का आह्वान
🔳 युवा प्रत्याशियों ने उड़ाई प्रतिद्वंद्वीयो की नींद
[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में युवा प्रत्येक सीट पर धूम मचा रहे हैं। स्नातक व परास्नातक की डिग्री से लैस युवा प्रत्याशी मैदान मारने का दावा करने से भी पीछे नहीं हट रहे। मतदाताओं से भी पढ़ा लिखा जनप्रतिनिधि चुनने का आह्वान किया जा रहा है। युवाओं के मैदान में उतरने से पंचायत चुनाव रोचक मोड़ पर पहुंच गए हैं।
गांव की सरकार में पद पाने को प्रत्याशी ऐड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। हर कोई गांव की सत्ता पाने को लालायित हैं। पंचायत चुनावों में इस बार ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य पद के लिए युवाओं में खासा क्रेज है। सरकारी नौकरियों के इंतजार के बाद चाहत पूरी न हो पाने से युवाओं ने राजनीति में पैर जमाने को जद्दोजहद तेज कर दी है। बेहतर शैक्षिक योग्यता रखने के बाद अब गांव की सरकार की कमान संभालने को युवा बेताब दिख रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी युवा प्रत्याशी लोगों से संपर्क साध अपनी शैक्षिक योग्यता का हवाला दे प्रतिद्वंद्वी से तुलना करने से नहीं चूक रहे। युवा प्रत्याशी पंचायत के रास्ते जनपद व प्रदेश की राजनीति में भी पैर जमाना चाहते हैं। पंचायत चुनाव में भागीदारी कर रहे कई युवा प्रत्याशियों के अनुसार पंचायतों के विकास के दौड़ में पिछड़ने का पहला कारण जनप्रतिनिधियों का शिक्षित न होना भी होता है। पढ़ें लिखे जनप्रतिनिधियों के हाथों में कमान सौंपने से निश्चित रुप से पंचायतों का विकास संभव है। बहरहाल इतना तय है की युवा प्रत्याशियों के प्रचार के तौर तरीके व जनता के सामने रखे जा रहे भविष्य के कार्यों की रुपरेखा से निश्चित रुप से प्रतिद्वंद्वियों की नींद उड़ गई है।
