🔳 दिन दोपहर आबादी के नजदीक तक पहुंच रहा गुलदार
🔳 एक के बाद एक करीब चार बकरियों को बना चुका है चुका निवाला
🔳 गांव के नजदीक गौवंशीय पशु पर हमले से मचा हड़कंप
🔳 ग्रामीणों ने पिंजरा लगाकर दहशत से निजात दिलाने की उठाई मांग
[[[[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]]
खैरना रानीखेत स्टेट हाईवे से सटे ख्युशालकोट व कोटखुशाल गांव में गुलदार एक के बाद एक मवेशियों को निवाला बना रहा है। पालतू मवेशियों के मारे जाने से पशुपालक परेशान हैं। अब दिन के उजाले में ही गुलदार के आबादी के नजदीक पहुंचने से गांव के लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों ने पिंजर लगाए जाने व पशुपालकों को मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है।
स्टेट हाईवे से सटे ताड़ीखेत ब्लॉक के ख्युशालकोट व कोटखुशाल गांव में गुलदार की घुसपैठ से ग्रामीण खौफजदा हैं। गांव की कमला देवी, चंदन सिंह, गोपाल सिंह, मदन सिंह की बकरियों को निवाला बना लेने के बाद गुलदार ने शनिवार को दिन के उजाले में ही गांव के समीप स्थित प्राकृतिक जल स्रोत पर घात लगाकर नंदन सिंह की गाय पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के हो हल्ला करने पर गुलदार जंगल की ओर भाग गया पर हमले में गाय बुरी तरह घायल हो गई। गुलदार की लगातार घुसपैठ बढ़ने व अब आबादी के नजदीक तक पहुंचने से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। स्थानीय गजेंद्र सिंह नेगी, भगवत सिंह, गोपाल सिंह, धन सिंह, कल्याण सिंह आदि ग्रामीणों ने गुलदार की आवाजाही तेज होने से बड़ी अनहोनी का अंदेशा जताया है। आरोप लगाया की दिन दोपहर गुलदार की आवाजाही तेज होने से स्कूली बच्चों की जिंदगी पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है बावजूद वन विभाग सुध नहीं ले रहा। ग्रामीणों ने गुलदार के हमले में मारे जा चुके मवेशियों के स्वामियों को उचित मुआवजा देने तथा गांव के समीप पिंजरा लगाकर गुलदार के आंतक से निजात दिलाने की मांग उठाई है।
