🔳 विद्यालय भवन के जीर्ण-शीर्ण होने पर किया जा चुका है ध्वस्तीकरण
🔳 पंचायत भवन के सीलन भरे कमरे में बुना जा रहा बेहतर भविष्य का ताना बाना
🔳 नए भवन का निर्माण न होने से अभिभावकों व ग्रामीणों में नाराजगी
🔳 शिक्षा विभाग पर बच्चों के हितों से खिलवाड़ का आरोप
[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के हरतपा गांव में विद्यालय भवन के ध्वस्त होने के तीन साल बाद भी नौनिहाल सीलनभरे पंचायत भवन में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग की अनदेखी से अभिभावकों व ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। तीन वर्ष का लंबा समय बीतने के बावजूद विद्यालय भवन का निर्माण न होने पर गहरी नाराजगी जताई है। दो टूक चेतावनी दी है की बच्चों की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गांवों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लाख दावे किए जाए पर धरातल की स्थिति कुछ और ही हकीकत बयां कर रही है। बेतालघाट ब्लॉक के सूदूर हरतपा गांव में स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन के जीर्ण-शीर्ण होने पर करीब तीन वर्ष पूर्व भवन का ध्वस्तीकरण तो कर दिया गया पर आज तक भवन दोबारा अस्तित्व में नहीं आ सका। ऐसे में विद्यालय में अध्ययनरत नौनिहाल सीलन भरे पंचायत भवन के एक कमरे में बेहतर भविष्य का सपना देख रहे हैं। सुविधाएं उपलब्ध न होने से छात्र छात्राओं को कई समस्याओं से जूझना पड़ता है बावजूद शिक्षा विभाग के अफसर अनदेखी पर आमादा है। अमर सिंह, कमल सिंह रौतेला, हिमांशु रौतेले, मदन सिंह के अनुसार तीन वर्ष का लंबा समय बीतने के बावजूद विद्यालय के नए भवन का निर्माण न होना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को दर्शा रहा है। ग्रामीणों ने जल्द नए भवन निर्माण की मांग उठाई है। उप-शिक्षा अधिकारी राशी बुधलाकोटी के अनुसार ध्वस्तीकरण के बाद नए भवन के निर्माण का प्रावधान है। आज तक भवन क्यों नहीं बन पाया जानकारी जुटाई जाएगी। प्रयास किया जाएगा की जल्द नए भवन का निर्माण हो सके।

error: Content is protected !!