🔳 कोरोना काल के दौरान लोगों की मदद कर बनाई है पैठ
🔳 छात्र राजनीति में भी रहकर महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर किया संघर्ष
🔳 टिकट का भरोसा मिलने के बाद भी नाम हटने से निर्दलीय चुनाव में कूदे
🔳 क्षेत्र के लिए संघर्ष का हवाला दे मतदाताओं से साध रहे संपर्क
[[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]
बेतालघाट की सिमलखा जिला पंचायत सीट में भाजपा के बागी युवा नेता तारा भंडारी ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना काल के दौरान लोगों की बढ़-चढ़कर मदद करने वाले युवा की गांवों के लोगों से पकड़ मुकाबले को रोचक बना रही है। अब देखना रोचक होगा की निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में चुनावी मैदान में उतरे तारा मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में कितना सफल हो पाते हैं पर इतना तय है की तारा ने रण में उतारकर भाजपा प्रत्याशी के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी है।
छात्र राजनीति से ही भाजपा से जुड़े बेतालघाट के युवा नेता तारा भंडारी ने सिमलखा जिला पंचायत सीट के मुकाबले को रोचक बना दिया है। धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाने तथा कोरोनाकल में भी गांव के लोगों की मदद को आगे आकर लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले तारा ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। युवा मतदाताओं के बीच गहरी पैठ होने से तारा ने अन्य प्रत्याशियों की धड़कनें भी बढ़ा दी है। वर्तमान में छोटी बहन के बेतालघाट छात्र संघ अध्यक्ष पद पर होने का लाभ भी तारा को मिलता दिख रहा है। भाजपा से अधिकृत प्रत्याशी की दौड़ में शामिल व मजबूत दावेदार माने जा रहे युवा नेता का आखरी समय पर नाम हटने से उनके समर्थकों में भी भारी गुस्सा है। तारा भंडारी ने उनके साथ हुए षड़यंत्र के लिए न्याय का फैसला जनता की अदालत पर छोड़ा है। बहरहाल इतना जरुर है की युवा नेता ने चुनाव को रोमांचक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।
