🔳 लगातार दरक रही विद्यालय की छत कर रही अनहोनी की ओर इशारा
🔳 लंबे से बिगड़ते जा रहे हालत बावजूद स्थिति जस की तस
🔳 प्रदेश के शिक्षा मंत्री तक कर चुके हैं स्थलीय निरीक्षण पर नहीं बदले हालात
🔳 अब मतदाता भी खतरे के बीच करेंगे मतदान
🔳 विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर क्षेत्रवासियों ने जताई नाराजगी
[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के खैरना क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन की खस्ताहाल स्थिति डरा रही है। पिछले पांच वर्षों से ग्रामीण लगातार मांग उठा है। विद्यालय में तैनात उच्चाधिकारियों को पत्राचार भी कर रहे हैं पर एसी कमरों में जमें अफसरों की कुंभकरणीय नींद नहीं टूट रही। लगातार दरक रही विद्यालय की छत के कारण नौनिहाल बरामदें में बैठकर प्राथमिक शिक्षा का कहकहा सिख रहे हैं। विद्यालय क्षेत्र का मतदान केंद्र भी है बावजूद हालत बद से बद्तर होते जा रहे हैं।
खैरना स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में करीब 17 नौनिहाल अध्यनरत है जबकि दो शिक्षिकाओं की भी तैनाती है पर विद्यालय भवन की छत की हालत से नौनिहाल उनके अभिभावक व शिक्षक भी दहशत में हैं। कक्षा कक्ष की छत के जर्जर हालत में पहुंचने से कभी भी छत के धराशाई होने का खतरा बना हुआ है पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बारिश के दौरान खतरा दोगुना बढ़ जा रहा है ऐसे में शिक्षिकाए अपनी व बच्चों की जिंदगी बचाने को विद्यालय के बरामदे में शरण ले रहे और वहीं कक्षाएं संचालित की जा रही है। लगातार बढ़ रहे खतरे के बावजूद सुध न लिए जाने से क्षेत्रवासियों में गहरा रोष भी व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत तक करीब दो वर्ष पूर्व खुद विद्यालय का निरीक्षण कर तक कर चुके हैं पर आज तक स्थित जस की तस बनी हुई है। स्थानीय विरेन्द्र सिंह बिष्ट, गजेंद्र सिंह, मनीष तिवारी, फिरोज अहमद, गोविंद सिंह नेगी के अनुसार लंबे समय से खतरा मंडराने के बावजूद सुध न लिया जाना निंदनीय है। ऐसा लगता है मानो शिक्षा विभाग किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में हैं। क्षेत्रवासियों ने विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी भी जताई है। कुछ दिनो बाद मतदान केंद्र के रुप में इस्तेमाल होने वाले विद्यालय के कक्षा कक्ष के ठिक ऊपर दरक रही छत से दुर्घटना का अंदेशा भी जताया है। उप-शिक्षा अधिकारी राशि बुधलाकोटी के अनुसार मरम्मत के लिए प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है। जल्द ही विद्यालय का निरीक्षण भी करुंगी। बरसात में बच्चों व शिक्षक शिक्षिकाओं की सुरक्षा के मद्देनजर पहले ही सुरक्षित स्थान पर कक्षाओं के संचालन के निर्देश दिए गए हैं।
