🔳 उप-शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय बंद होने की चर्चा को सिरे से किया खारिज
🔳 क्लस्टर विद्यालय के रुप में सुविधाएं व बेहतर शिक्षा का किया दावा
🔳 जीआइसी सिमलखा में प्रवेश दिलाना अभिभावक की स्वैच्छा पर होगा आधारित
🔳 खलाड़ गांव के विद्यालय को बंद करने की सुगबुगाहट से ग्रामीणों का चढ़ा था पारा
[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के सूदूर खलाड गांव में स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को जीआइसी सिमलखा में मर्ज करने की सुगबुगाहट से ग्रामीणों के आक्रोशित होने के बाद बेतालघाट की उप-शिक्षा अधिकारी राशि बुधलाकोटी ने विद्यालय को बंद किए जाने की चर्चा को सिरे से खारिज कर दिया है। उप-शिक्षा अधिकारी के अनुसार विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराने तथा सुविधाएं विकसित करने को क्लस्टर विद्यालय तैयार किए जा रहे हैं। साफ कहा की विद्यालय बंद नहीं किया जाएगा।
बेतालघाट ब्लॉक के गांवों में स्थित कई विद्यालयों को नजदीकी विद्यालयों में मर्ज कर क्लस्टर विद्यालय तैयार किए जाने की सुगबुगाहट के बीच बीते शनिवार को सूदूर खलाड़ गांव के ग्रामीणों का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने गांव में स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को जीआइसी सिमलखा में मर्ज किए जाने को नौनिहालों के हितों से खिलवाड़ करार दे विरोध दर्ज कराया। किसी में दशा में विद्यालय को बंद न होने देने का ऐलान कर जिला मुख्यालय नैनीताल में उग्र आंदोलन की चेतावनी तक दे डाली। साफ कहा की गांव से सिमलखा जीआइसी के दूरी सात किलोमीटर है। यदि गांव के विद्यालय को बंद किया जाता है तो नौनिहालों को रोजाना चौदह किमी की दूरी नापी पडेगी। सूनसान रास्ते से आवाजाही करने में बच्चों की जान को भी खतरा है। ग्रामीणों के विरोध में उतरने व मामले के तूल पकड़ने से बेतालघाट की उप-शिक्षा अधिकारी ने भी विभाग का पक्ष रखा है‌ विद्यालय को बंद किए जाने की चर्चा को ग़लत करार दिया है। उप-शिक्षा अधिकारी के अनुसार सरकार व विभाग विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को तेजी से कार्य कर रहा है। क्लस्टर विद्यालय में बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएगी साथ ही व्यवस्था भी चाक चौबंद होगी। खलाड़ गांव स्थित विद्यालय को बंद नहीं किया जाएगा यदि कोई विद्यार्थी सिमलखा विद्यालय में प्रवेश चाहेगा तो उसे नियमानुसार सभी सुविधाओं के साथ ही आने जाने के लिए किराया भी उपलब्ध करवाया जाएगा। नौनिहालों को सिमलखा स्थित विद्यालय में प्रवेश दिलाना अभिभावकों की स्वैच्छा पर आधारित होगा। उप-शिक्षा अधिकारी ने लोगों से बेवजह मामले को तूल न देने की अपील भी की है। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गिरीश चंद्र जोशी के अनुसार किसी भी विद्यालय को बंद नहीं होने दिया जाएगा। शिक्षक व छात्र हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।

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