🔳 जेजेएम से सेठी गांव के दौ सौ परिवारों को होती है आपूर्ति
🔳 मुख्य स्रोत में प्लास्टिक के पाइप के इस्तेमाल से ग्रामीणों में नाराजगी
🔳 विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
🔳 हल्की बारिश में ही गंदे पानी की आपूर्ति का भी आरोप
[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के सेठी बेलगांव व सेठी भंडार गांव के दो सौ से अधिक परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने को 91.56 लाख रुपये के भारी भरकम बजट से तैयार महत्वपूर्ण योजना के मुख्य स्रोत में लगाए गए प्लास्टिक के पाइप से आपूर्ति किए जाने पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने भारी भरकर बजट से तैयार योजना में प्लास्टिक के पाइप के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई है। आरोप लगाया की बारिश होने पर योजना से गंदे पानी की भी आपूर्ति की जा रही है।
केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों में दम फूलने लगा है। तमाम गांवों में बजट खर्च होने के बावजूद ग्रामीण बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं तो वहीं भारी-भरकम बजट से बनी योजना से प्लास्टिक के पाइप के इस्तेमाल से विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। ब्लॉक मुख्यालय बेतालघाट से सटे सेठी भंडार व सेठी बेलगांव के करीब दो सौ से अधिक परिवारों को पानी की आपूर्ति को 91.56 लाख रुपये के भारी भरकम बजट से तैयार पेयजल योजना के मुख्य स्रोत में प्लास्टिक का पाइप लगाए जाने से ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताई है। स्थानीय राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है की लाखों रुपये की सरकारी धनराशि खर्च किए जाने के बावजूद प्लास्टिक के पाइप का इस्तेमाल बड़ी अनियमितता को उजागर कर रहा है‌। प्लास्टिक का पाइप लगाए जाने से हल्की सी बारिश में भी ग्रामीणों को मिट्टी युक्त पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने तत्काल मानक के अनुसार पाइप लगाए जाने तथा साफ पानी की आपूर्ति किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। जल संस्थान के सहायक अभियंता दिलीप सिंह बिष्ट के अनुसार गर्मियों में जलस्तर कम होने के कारण अस्थाई रुप से प्लास्टिक के पाइप से टैंक में पानी पहुंचाया गया। जल्द ही पाइप बदलकर चैंबर निर्माण भी किया जाना है।

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