🔳 समस्याओं का समाधान न होने से आज भी लोग परेशान
🔳 हाईवे पर स्थित पंचायत में एक अदद खेल मैदान तक नहीं
🔳 अस्पताल रेफर सेंटर में तब्दील, दरक रही पहाड़ी के उपचार को पहल तक नहीं
🔳 छड़ा गांव को जोड़ने वाला मार्ग बदहाल, पर्यावरण मित्र तक की तैनाती नहीं
[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
पंचायत चुनाव की रणभेरी के साथ ही दावेदारों ने मतदाताओं के बीच सक्रियता बढ़ा दी है। प्रत्याशी मतदाता के दिल में जगह बनाने को कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहते। बेतालघाट ब्लॉक के छड़ा खैरना ग्राम पंचायत में भी गांव की सरकार में जगह बनाने को कई प्रत्याशी मैदान में हैं पर पंचायत प्रतिनिधियों के कई पंचवर्षीय कार्यकाल बीत जाने के बावजूद पंचायत के लोग आज भी सुविधाओं के इंतजार में हैं। नौनिहाल एक अदद खेल मैदान तक के लिए तरस रहे हैं। अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं व बाजार क्षेत्र में फुटपाथ ना होने का खामियाजा स्थानीय लोग भुगत रहे हैं। कूड़ा निस्तारण को टंचिग मैदान भी आज तक अस्तित्व में नहीं आ सका है। सुविधाओं का अकाल होने से लोगों में गहरी नाराजगी भी है।
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित बेतालघाट ब्लॉक की छड़ा खैरना ग्राम पंचायत के लोग आज भी सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं। कई पंचायती कार्यकाल बीतने के बावजूद क्षेत्र में सुविधाओं का अकाल है। नौनिहालों के खेलने के लिए खेल मैदान सपना बन चुका है। कभी अटल आदर्श गांव का दर्जा प्राप्त ग्राम पंचायत सुविधाविहीन है। बाजार क्षेत्र में चलने के लिए राहगीरों व स्कूली बच्चों को फुटपाथ तक नसीब नहीं है। स्कूली बच्चे जान जान हथेली पर रख आवाजाही को मजबूर हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं का भी बुरा हाल है। खैरना में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रैफर सेंटर बन चुका है। कई बार सुविधाओं की मांग उठने के बाद भी जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे। बाजार क्षेत्र से सटी थुआ की पहाड़ी से आए दिन पत्थर गिरने से खतरा बना रहता है पर पहाड़ी के उपचार को आज तक पहल नहीं की जा सकती है। ग्राम पंचायत के छड़ा तोक में भी हालात विकट है। गांव को जोड़ने वाला मार्ग बदहाली पर आंसू बहा रहा है। बाजार क्षेत्र में साफ सफाई को एक पर्यावरण मित्र की तैनाती तक नहीं है। सुविधाओं का टोटा होने से लोगों में गहरी नाराजगी है। व्यापार मंडल छड़ा इकाई अध्यक्ष दीवान सिंह, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, संजय सिंह, मनोज बिष्ट आदि के अनुसार कई बार सुविधाओं की मांग उठाई जा चुकी है पर आज तक समस्याएं जस की तस है। उम्मीद जताई है कि आगामी पंचवर्षीय योजना में शायद क्षेत्र के विकास को पहल हो सके।
