🔳 लोहाली पंपिग योजना में लीकेज बढ़ने से आवासीय भवनों के नीचे हो रहा था भू-धंसाव
🔳 पानी के बर्बाद होने से किसानों के खेतों तक भी नहीं हो रही थी समुचित आपूर्ति
🔳 मामले को गंभीरता से सहायक अभियंता ने भेजी विभागीय टीम
🔳 सुबह से शाम तक कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने पाइप बदल टाला खतरा
🔳 ग्रामीणों ने तीखी नजर समाचार पोर्टल को सराहा
[[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने को वर्षों पूर्व बनी पंपिग योजना में लीकेज से लगातार बढ़ रहे खतरे को टाल दिया गया है। तीखी नजर समाचार पोर्टल में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए नलकूप खंड रामनगर के सहायक अभियंता ने महज 72 घंटे में मौके पर टीम भेज योजना के क्षतिग्रस्त पाइप का हिस्सा बदलवा दिया। लीकेज बंद होने से जहां गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए समुचित पानी उपलब्ध हो रहा है वहीं भू-धंसाव के कारण आवासीय मकान पर भी मंडरा रहा खतरा टल गया है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों के साथ ही प्रमुखता से समस्या उठाने पर तीखी नजर समाचार पोर्टल का भी आभार व्यक्त किया है।
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित चमड़ियां क्षेत्र में बनी सिंचाई पंपिग योजना से लोहाली समेत तमाम गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। लंबे समय से हाईवे से सटे क्षेत्र में योजना के पाइप से लगातार पानी बहने से गांवों तक समुचित पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही वहीं लीकेज बढ़ने से ऊपरी हिस्से में स्थित आवासीय भवनों को भी खतरा पैदा हो गया। ग्रामीण के मकान के नीचे से गुजर रही लाइन से लगातार पानी बहने से जमीन पर धंसाव शुरु होने से ग्रामीण दहशत में आ गए। पानी का रिसाव लगातार बढ़ने व भूस्खलन का खतरा दोगुना होने के बावजूद संबंधित विभाग के सुध न लेने से ग्रामीण चिंतत हो उठे। पाईप बदलने व लीकेज बंद करने के बचाय लाइन में कपड़ा बांध इतिश्री कर दी गई। लगातार बढ़ रहे खतरे को देख तीखी नजर समाचार पोर्टल ने बीते रविवार के अंक में मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। समाचार प्रकाशित होते ही नलकूप खंड रामनगर के सहायक अभियंता प्रशांत कुमार ने मामले को गंभीरता से ले विभागीय टीम को नया पाइप लेकर मौके की ओर रवाना किया। विभागीय टीम ने भी दिनभर कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार पाइप बदलकर खतरा टाल दिया। लीकेज बंद होने से गांव के लोगों ने भी राहत की सांस ली है। किसानों के खेतों तक भी समुचित पानी की आपूर्ति होने लगी है। वहीं भू-धंसाव का खतरा भी टल गया है।
स्थानीय पूरन चंद्र, बिहारी लाल, भुवन चंद्र, हीरा लाल, बिहारी, चंद्रशेखर, दीवान राम, टीका राम, रमेश चंद्र ने सहायक अभियंता के साथ ही हमेशा जनहित से जुड़ी समस्याओं को प्रकाशित करने पर तीखी नजर समाचार पोर्टल का आभार व्यक्त किया है।
