🔳 उच्चाधिकारियों के आदेशों की बेतालघाट में नहीं है सुनवाई
🔳 मनरेगा जेई के बाद अब वरिष्ठ सहायक के तबादले का मामला आया सामने
🔳 डीडीओ कार्यालय में कर्मचारियों की कमी के कारण जारी किया था आदेश
🔳 आदेश को बीत गए तीन महीने बेतालघाट से ही कार्यमुक्त नहीं हो सका कर्मचारी
[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]
बेतालघाट क्षेत्र में विवाद थमने के नाम नहीं ले रहे। मनरेगा के अवर अभियंता के तबादले के आदेश के बावजूद नई तैनाती स्थल पर न जाने का मामला सामने आने के बाद अब ब्लॉक मुख्यालय में तैनात एक और कर्मी के तबादले को तीन महीने का लंबा समय बीतने के बावजूद टस से मस न होने का मामला तूल पकड़ गया है। बीडीओ बेतालघाट महेश चंद्र गंगवार के अनुसार कर्मचारियों की कमी के कारण कर्मी कार्यमुक्त नहीं किया गया है। नए कर्मचारियों की तैनाती होने पर स्थानांतरित कर्मी को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा।
बेतालघाट क्षेत्र का विवादों से नाता जुड़ता ही जा रहा है। तहसील में तैनात राजस्व उपनिरीक्षक पर गंभीर आरोप लगने के बाद प्रशासन के सख्त रुख अपनाने के बाद विवाद थमने की उम्मीद थी पर कांग्रेस अनुसुचित मोर्चे के जिला उपाध्यक्ष नवीन चंद्र आर्या ने विकास खंड में तैनात मनरेगा जेई के स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी नई तैनाती स्थल पर न जाने का मामला उठाकर एक बार फिर विवाद को तूल दे दिया। अब ब्लॉक मुख्यालय में तैनात एक और कर्मी के बीते नवंबर में तबादला आदेश जारी होने के बावजूद कर्मी के कार्यमुक्त न होने का मामले सामने गया है। वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात कर्मी को जिला विकास अधिकारी कार्यालय में कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए तीन महीने पहले स्थानांतरित किया गया पर आज तक कर्मी को कार्यमुक्त नहीं किया जा सका। जिला विकास अधिकारी के आदेश के बावजूद कर्मी के नए तैनाती स्थल पर न जाने से तमाम गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीडीओ बेतालघाट महेश चंद्र गंगवार के अनुसार ब्लॉक मुख्यालय में कर्मचारियों की कमी के कारण उक्त कर्मी को कार्यमुक्त नहीं किया जा सका। नए कर्मचारी की तैनाती के साथ ही स्थानांतरित हुए कर्मचारी को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा।
