◾ संक्रामक बिमारी फैलने का खतरा भी हुआ दोगुना
◾लंबे समय से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से ग्रामीण परेशान
◾ग्रामीणों ने उठाई पेयजल आपूर्ति सुचारू किए जाने की मांग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

बेतालघाट ब्लॉक के समीपवर्ती अमेल ग्राम पंचायत के बाशिंदे दूषित पानी पीने को मजबूर हो चुके हैं। लंबे समय से बूंद बूंद पानी को तरस रहे करीब ढाई सौ से ज्यादा परिवार पानी के लिए दो किमी दूर सेठी पुल के समीप कोसी नदी किनारे रुख करने को मजबूर हो चुकें हैं। दूषित पानी पीने से संक्रामक बिमारी फैलने का खतरा भी बढ़ता ही जा रहा है बावजूद कोई सुध लेवा नहीं है। गांव के बाशिंदों ने पेयजल आपूर्ति सुचारू किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों में पेयजल संकट सिर चढ़कर बोल रहा है। ब्लॉक मुख्यालय बेतालघाट से सटे अमेल ग्राम पंचायत में हालात बद से बदतर हो चुके हैं। पिछले तीन वर्षों से गांव में पेयजल आपूर्ति प्रभावित है बावजूद कोई सुधलेवा नहीं है। अमेल, आमडाली, थरना गांव के करीब ढाई सौ से ज्यादा परिवार बूंद-बूंद पानी को परेशान है। मजबूरी में गांव के लोग दो किलोमीटर दूर सेठी पुल के समीप से कोसी नदी का पानी पीने को मजबूर हो चुके हैं। गांव के बुजुर्ग, बच्चे व महिलाएं गांव से करीब दो किलोमीटर की दूरी तय कर सिर पर पानी ढोकर गांव पहुंचते हैं जिसमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दूषित पानी पीने से संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है। ग्राम प्रधान पूजा फुलारा के अनुसार कई बार पेयजल आपूर्ति सुचारु किए जाने की मांग उठाई जा चुकी है पर जल संस्थान के अधिकारी बजट का रोना रोकर इतिश्री कर रहे हैं पर पेयजल आपूर्ति को ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे ऐसे में दूषित पानी पीना मजबूरी बन चुका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि लगातार उपेक्षा की जा रही है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय शेखर फुलारा, खष्टी देवी, प्रेमा देवी, कविता देवी, गीता देवी, शांति देवी ने पेयजल आपूर्ति दुरुस्त किए जाने की मांग की है। दो टूक चेताया है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो फिर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

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