◾लगातार मांग उठने के बावजूद अफसर बेपरवाह
◾ गुणवत्ताविहीन निर्माण सामग्री की उठी जांच की मांग
◾ जनहित से जुड़े मामले में लापरवाही बर्दाश्त न करने का ऐलान
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

शिप्रा नदी क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्यो में घटिया निर्माण सामग्री का धड़ल्ले से इस्तेमाल किए जाने के बावजूद जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। घटिया निर्माण सामग्री से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनहित से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान न रखें जाने पर क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। चेतावनी दी है की यदि घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगाई गई तो फिर तहसील मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
शिप्रा नदी में किए जा रहे बाढ़ सुरक्षा कार्य विवादों में घिरते जा रहे हैं। पहले ही स्थानीय लोग निर्माण कार्य में मिट्टी मिश्रित रेत का आरोप लगा नाराजगी जता चुके हैं बावजूद विभागीय अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। अब भी जगह जगह धड़ल्ले से मिट्टी मिश्रित रेत का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। ब्लाक निर्माण में तक मानक की धज्जियां उडा़ घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। गुणवत्ताविहीन निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर जनहित से भी खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है की निर्माण कार्यों में लापरवाही चरम पर है। मनमाने ढंग से नदी क्षेत्र की घटिया रेत का इस्तेमाल कर निर्माण कार्य किए जा रहे‌। विभागीय अधिकारियों के गैरजिम्मेदाराना रवयै से अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने मामले की जांच की मांग भी उठाई है। कार्यदाई संस्था सिंचाई विभाग के अवर अभियंता नीरज तिवारी ने दावा किया है की गुणवत्तायुक्त कार्य कराए जा रहे हैं। दावा किया की लगातार निगरानी भी रखी जा रही है।

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