◾ शानदार प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को गुदगुदाया
◾ भागदौड़ भरी जिंदगी में हास्य को बताया गया जरुरी
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

ब्लॉक मुख्यालय बेतालघाट स्थित जीआइसी में योग दिवस पर हुए हास्य सम्मेलन में कवियों ने बेहतरीन प्रस्तुतियां दी। कवियों ने भागदौड़ भरी जिंदगी हास्य को जरुरी बताया। बाद में सम्मान समारोह भी हुआ।
बुधवार को जीआइसी सभागार में हास्य कवि सम्मेलन का शुभारंभ प्रधानाचार्य दिनेश चंद्र उपाध्याय ने मां सरस्वती के चित्र के समीप दीप प्रज्वलित कर किया। प्रधानाचार्य ने कहा कि वर्तमान की भाग दौड़ भरी जिंदगी में तनाव से मुक्त रहने को हास्य जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने कई शानदार प्रस्तुतियां दे खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम की शुरुआत गीतकार हेमंत डोभाल हेमू की वाणी वंदना से हुई। व्यंग्यकार वेद प्रकाश अंकुर ने पत्नी तो रोज सुबह बना देती है मुझे मुर्गा……. इसलिए मुझे योग की जरूरत नहीं होती …….। सत्यदेव सत्य ने सिरसासन के चक्कर में टेढ़े मेढ़े सारे आसन …….. । हास्य कवि राजकुमार भंडारी ने पति महोदय इधर-उधर नजरें मत घुमाओ……..वरना बेलन योग सिखाऊंगी…….समेत कई अन्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। हेमंत डोभाल हेमू ने मुझे मेरी बीवी बहुत प्यार करती है……..। अल्ताफ शाह ने लोग डूबते तो है समुंदर को दोष देते हैं ………। दीपचंद त्रिपाठी तथा संजय शर्मा ने भी कविता पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार भंडारी ने किया। बाद में प्रधानाचार्य ने सभी कवियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

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