◾कैंची धाम निर्माण के लिए एक रुपये की लीज पर उपलब्ध कराई जमीन
◾ तब चौधरी चरण सिंह थे उत्तर प्रदेश के वन मंत्री
◾ तमाम अड़चनों आई पर सुलझते चली गई समस्याएं
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

किस्मत बदलने वाले बाबा नीम करौली की लीलाएं अद्भुत है। बाबा के दर पर मत्था टेकने वाले लोग खुद को धन्य समझते हैं। देश विदेश से कैंची धाम स्थित बाबा के आश्रम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या बाबा के प्रति बाबा भक्तों की बढ़ती आस्था का जीता जागता उदाहरण है। ये बात एकदम सत्य भी है की जिसने भी बाबा को श्रद्धा से याद किया उसके बिगड़े काम भी बनते चले गए।

बाबा नीम करौली की चमत्कारिक लीलाए किसी से छिपी नहीं है। देश के कोने कोने के साथ ही विदेशों में भी बाबा के लाखों भक्त हैं। कैंची धाम में रोजाना हजारों की संख्या में उमड़ रही बाबा भक्तों की भीड़ इसका जीता जागता उदाहरण है। यूं तो बाबा की की लीलाएं सर्व विदित है। इनमें से ही एक किस्सा कैंची धाम क्षेत्र में मंदिर निर्माण को लेकर भी है। बताते हैं वर्षो पूर्व जब बाबा अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर कैंची क्षेत्र पहुंचे और शिप्रा नदी के तट पर मंदिर स्थापित करने की इच्छा जताई तो तमाम अड़चनें आई पर कई समस्याएं सुलझती चली गई। मंदिर निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने का पेच फंसा तो बाबा ने फिर एक चमत्कारिक रचना रची। बताते हैं कि तभी तीन दिन बाद उत्तर प्रदेश के तत्कालीन वन मंत्री चौधरी चरण सिंह कैची धाम पहुंच गए। बाबा ने चौधरी चरण सिंह से मंदिर निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने को कहा तब तत्कालीन वन मंत्री चौधरी चरण सिंह ने मंदिर निर्माण के लिए एक रुपये की लीज पर वन विभाग की जमीन उपलब्ध करा दी। बाबा ने आशीर्वाद स्वरूप चौधरी चरण सिंह को व्यवहार में थोड़ा नरमी लाने के साथ ही प्रधानमंत्री बनने का भी आशीर्वाद दे डाला। कुछ समय बाद चौधरी चरण सिंह देश के प्रधानमंत्री भी बने। जमीन मिलने के बाद कैंची धाम में हनुमान जी का सुंदर मंदिर बनाया गया। तब से अब तक लगातार श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचकर बाबा व ईश्वर की भक्ति में जुटे हुए है।

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