◾ स्कूली बच्चों व गांव के वासिदों की जिंदगी पर मंडरा रहा खतरा
◾ खैरना चौराहे से डोबा, मझेडा़, चूवारी गांव का रास्ता बदहाल
◾जल्द रास्ता दुरुस्त किए जाने की उठी मांग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
खैरना चौराहे से मझेडा़ तथा डोबा गांव की आवाजाही को बने वर्षो पुराने रास्ते पर गांव के वासिदों जान हथेली पर आवाजाही को मजबूर हैं। सरस्वती शिशु मंदिर के नौनिहाल भी इसी रास्ते के इस्तेमाल करते हैं। बावजूद कोई सुध लेवा नहीं है। क्षेत्रवासियों ने रास्ते को दुरुस्त किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
गांवो के विकास के लाख दावे किए जाए पर आवाजाही को बने रास्तों की दयनीय हालत ही ग्रामीण विकास के दावों की धज्जियां उडा़ रही है। अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित खैरना चौराहे से डोबा तथा चूवारी, मझेडा़ आदि तमाम गांवों को जोड़ने वाले वर्षों पुराना रास्ता बद से बद्तर हालत में पहुंच चुका है। सरस्वती शिशु मंदिर के नौनिहाल व गांव के वासिंदे जान जोखिम में डाल आवाजाही को मजबूर हैं। हालत यह है की हवा में झूलते लोहे के जाल पर आवाजाही की जा रही है। हर वक्त खतरा बढ़ता ही जा रहा है बावजूद कोई सुधलेवा नहीं है। कभी भी बडा़ हादसा सामने आने का अंदेशा बना हुआ है। वहीं सुरक्षित आवाजाही को भी भी कोई ठोस उपाय नहीं है जिससे आवाजाही करने वालों पर खाई में गिरने का भी खतरा बढ़ता ही जा रहा है। स्थानीय प्रताप सिंह गौणी, दीपक पांडे, दीवान सिंह, दीपक त्रिपाठी, दीप चंद्र पांडे, योगेश पांडे आदि ने रास्ते को तत्काल दुरुस्त किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। अनदेखी पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
