◾ धारी- उल्गौर गांव में आडू की उपज को नुकसान
◾पंचायत प्रतिनिधियों ने की बागबानों को मुआवजे की मांग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

पहाड़ के किसानों की किस्मत साथ ही नहीं दे रही। आपदा का दंश झेलने के बाद फल उत्पादन से कुछ राहत की उम्मीद थी पर उस पर भी तूफान ने पानी फेर दिया। तूफान ने आडू के फल पेड़ से गिरा दिए वहीं की फलदार वृक्ष भी धराशाई कर डाले। पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने बागबानों को क्षति का उचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है।
बेतालघाट ब्लॉक के धारी उल्गौर गांव के बागबान आपदा की मार से अभी उभर भी नहीं सके थे की मंगलवार रात एकाएक चले तूफान ने बागबानों के जख्म एक बार फिर हरे कर दिए हैं। दो वर्ष पूर्व आपदा ने गांव में स्थित आडू के बगीचों को रोकड़ में तब्दील कर दिया। किसानों ने हाड़तोड़ मेहनत कर बगीचे दोबारा तैयार किए। शुरुआत में आडू के बेहतर दाम भी मिले। मंगलवार रात तूफान ने किसानों को फिर नुकसान पहुंचा दिया है। पेड़ पर लगे फल तूफान की चपेट में आकर बर्बाद हो गए तो वहीं की किसानों के फलदार पेड़ भी धराशाई हो गए। कुछ दिन पूर्व हुई ओलावृष्टि ने ताड़ीखेत, थुआ ब्लॉक, रुपसिंह धूरा गांव में आडू के फल को पहले ही नुकसान पहुंचा दिया है। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव शेखर दानी, पंकज निगलटिया, दयाल सिंह दरमाल, दलिप सिंह नेगी, कुबेर सिंह जीना, राकेश जलाल आदि ने प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।

error: Content is protected !!