◾ एक ठेकेदार के टेंडर प्रक्रिया पर आपत्ति जताने के बाद लग गया था ब्रेक
◾विभाग का पक्ष सुनने के बाद न्यायालय ने कर दी आपत्ति खारिज
◾छह करोड़ रुपये की लागत से होने है कार्य
◾अधीक्षण अभियंता बोले – जल्द शुरु कराए जाएंगे बाढ़ सुरक्षा कार्य
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
गरमपानी खैरना क्षेत्र के वासिदों के लिए बुधवार को राहत भरी खबर आई। बाजार के ठीक पीछे बहने वाली उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी में करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले बाढ़ सुरक्षा कार्यों को उच्च न्यायालय ने हरी झंडी दे दी है। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता आरबी सिंह के अनुसार उच्च न्यायालय ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले ठेकेदार की अपील खारिज कर दी है। अधीक्षण अभियंता ने दावा किया कि अब जल्द ही बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कराए जा सके।
दरअसल गरमपानी खैरना बाजार क्षेत्र के ठीक पीछे रहने वाली उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी ने दो वर्ष पूर्व भारी तबाही मचाई। नदी के उफान में तीन मकान जमींदोज हो गए तो कई आवासीय भवनों को भारी नुकसान पहुंचा। लगातार बढ़ रहे खतरे को देख राज्य सरकार ने बाढ़ सुरक्षा कार्यो के लिए लगभग छह करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की। सिंचाई विभाग ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर टेंडर प्रक्रिया पूरी करवाई पर तभी एक ठेकेदार ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर मामले को उच्च न्यायालय नैनीताल में चुनौती दे डाली। मामला न्यायालय में होने के कारण बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू नहीं करवाया जा सका जिससे क्षेत्र के वाशिंदे निराश हो गए। स्थानीय लोगों ने भी हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भेज सुरक्षा कार्य शुरू कराए जाने की गुहार लगाई। संबंधित विभाग ने भी पक्ष रखा। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता आरबी सिंह के अनुसार बुधवार को न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। विभाग ने पक्ष रखते हुए बताया की आपत्ति लगाने वाला ठेकेदार संबंधित कार्य के लिए पात्रता पूरी नहीं करता। शर्तो के अनुरुप ठेकेदार को अनुभव भी नहीं है। पक्ष सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने ठेकेदार की आपत्ति को खारिज कर दिया। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि कार्य शुरू करने के आदेश दे दिए गए हैं। अब जल्द ही बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कराए जा सकेंगे। आपत्ति खारिज होने पर स्थानीय लोगों ने खुशी जताई है। गुणवत्तायुक्त बाढ़ सुलक्षा कार्य करवाए जाने की मांग भी दोहराई है।
