= मूलभूत सुविधाओं से वंचित है गांव
= कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
= गांव से पलायन को मजबूर हुए ग्रामीण
(((विजय रौतेला/मनीष कर्नाटक/ कमल बधानी की रिपोर्ट)))
गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लाख दावे किए जाते हैं पर रामगढ़ ब्लॉक के सूण गांव के बाशिंदों के लिए सड़क आज भी सपना है। सड़क सुविधा ना होने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मरीज को कंधों पर रख अस्पताल ले जाना मजबूरी बन चुका है। हालात तब बिगड़ जाते है जब गर्भवती महिला को डोली में रख कच्चे पक्के रास्ते से पैदल दूरी कर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।
रामगढ़ ब्लॉक का सूण गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में छह बार रोड के लिए सर्वे किया जा चुका है बावजूद आज तक रोड का कार्य शुरू नहीं हो पाया। पूर्व में गांव में 80 से ज्यादा परिवार थे पर सड़क सुविधा ना होने से अब महज 35 परिवार ही गांव में शेष बचे हैं। तेजी से पलायन हो रहा है। सड़क सुविधा के अभाव में मरीजों व गर्भवती महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार रास्ते में ही प्रसव हो जाता है। जिसमें जच्चा-बच्चा दोनों की जान का खतरा बना रहता है। आरोप है कि कई बार शासन प्रशासन को सड़क निर्माण के लिए पत्राचार किया जा चुका है पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण ना हुआ तो आगामी लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान सरपंच कमल सुनाल, मोहन सुनाल, हिमांशु सुनाल, धारा बल्लभ, नवीन सनवाल, भास्कर लोहनी आदि मौजूद रहे।
