= बूंदबूंद पानी को परेशान हुए ग्रामीण
= दूरदराज से पानी ढोना बना मजबूरी
= व्यवस्था दुरुस्त न होने पर आंदोलन का ऐलान

(((कुबेर जीना/अंकित सुयाल/विजय रौतेला/भरत बोहरा की रिपोर्ट)))

रामगढ़ ब्लाक के कूल गांव में पीने के पानी को हाहाकार मचा है। करीब 80 से ज्यादा परिवार बूंदबूंद पानी को तरस रहे हैं। दूर दराज से सिर पर पानी ढोकर घर तक पहुंचाना मजबूरी बन चुका है। दिन भर लोग पानी की व्यवस्था में जुटे हुए हैं।
आपदा के बाद से ही गांवों में पीने के पानी का संकट बढ़ गया है। तमाम गांव में पानी की किल्लत खड़ी हो चुकी है। रामगढ़ ब्लॉक के कूल गांव में भी लोग परेशानी का सामना करने को मजबूर हैं। बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं। मजबूरी में महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे दूरदराज से सिर पर पानी ढोकर घर तक पहुंचा रहे हैं। पानी की व्यवस्था में अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खेतीबाड़ी भी चौपट हो चुकी है। चिलचिलाती धूप में पानी ढोना बड़ी मजबूरी बन चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार पेयजल व्यवस्था को आवाज उठाई जा चुकी है पर कोई सुनवाई नहीं हो रही जिस कारण दिक्कत बढ़ती ही जा रही है स्थानीय विनोद कुमार, पनी राम, प्रेम लाल, कुंती देवी, पुष्पा देवी, पंकज कुमार, पूरन राम, मोहन राम, जीवन लाल आदि ने गांव में पेयजल आपूर्ति दुरुस्त किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। चेताया कि यदि उपेक्षा की गई तो फिर आंदोलन शुरू किया जाएगा।