= जान जोखिम में डाल आवाजाही कर रहे गांव के वासिंदे
= आपदा के बाद से अब तक नहीं हो सका सुधार
= क्षेत्रवासियों का चढ़ता जा रहा पारा
(((मदन सिंह/विजय रौतेला/हरीश चंद्र/भरत बोहरा की रिपोर्ट)))
भुजान – वर्धो – बेतालघाट मोटर मार्ग पर आवाजाही खतरे का सबब बन चुकी है। काली पहाड़ी के समीप खतरा दोगुना बढ़ चुका है। मोटर मार्ग पर उड़ रही धूल से संक्रामक बीमारी का खतरा भी बना हुआ है बावजूद संबंधित विभाग चुप्पी साधे बैठा है। मोटर मार्ग दुरुस्त न किए जाने से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
बढेरी, वर्धो, रतौडा़, नैनीचैक, तिवारीगांव समेत तमाम गांवों को जोड़ने वाला भुजान – वर्धो – मोटर मार्ग बदहाल हालत में पहुंच चुका है। काली पहाड़ी के समीप खड़ी चढ़ाई वह तीखा ढलान आवाजाही करने वाले लोगो के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। बेहद खतरनाक हालत में पहुंच चुके हैं मोटर मार्ग पर कभी भी बड़ी घटना सामने आ सकती है। लोग जान हथेली पर रख आवाजाही करने को मजबूर हैं। काली पहाड़ी पर खड़ी चढ़ाई में वाहन चलने पर उड़ रही धूल से लोग परेशान हैं। संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा भी दोगुना बढ़ गया है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग पर गांवों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। आपदा को छह माह बीतने के बावजूद मोटर मार्ग दुरुस्त ना किए जाने से लोगों में गहरा रोष है। आलम यह है कि मोटर मार्ग पर सड़क गड्ढों में गुम हो चुकी है। लोग हिचकोले खाकर आवाजाही कर रहे हैं। कई वाहनो में तकनीकी खराबी आ चुकी है तो कई असंतुलित होकर पलट जा रहे हैं। दिन भर जाम की स्थिति भी बनी रहती है। मार्ग की सुध न लेने से ग्रामीण संबंधित विभाग के खिलाफ आंदोलन का मन बनाने लगे हैं। दो टूक चेताया है कि यदि मोटर मार्ग को दुरुस्त नहीं किया गया तो फिर संबंधित विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया जाएगा।
