🔳 बेतालघाट महाविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर हुई गोष्ठी
🔳 आग से जंगलों को बचाने व नदियों को साफ सुथरा रखने का लिया संकल्प
🔳 प्रकृति के दोहन से मौसम चक्र में बदलाव पर जताई गई चिंता
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
शहीद खेमचंद डौर्बी राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस पर हुई गोष्ठी में मौसम चक्र के बदलाव पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोप सुरक्षा व देखभाल का संकल्प भी लिया गया।
शुक्रवार को महाविद्यालय सभागार में गोष्ठी की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनय कुमार विद्यालंकार ने की। प्राचार्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से ही जीवन संरक्षण संभव है। जंगल हमारे पर्यावरण का महत्वपूर्ण घटक है। जिसमें वृक्ष, नदियां तथा जीव-जंतुओं की प्रजातियां हैं जो की हमारे जीवन का आधार हैं। इनके बिना हम जीवन की कल्पना नहीं कर सकते। जीव हो या मनुष्य सभी के जीवन का समान महत्व है। हमें यह प्रण करना है होगा कि हमें अपनी नदियों को स्वच्छ रखना है। जंगलों को आग से बचाकर पर्यावरण को बचाने का आह्वान किया। डा. दीपक ने प्रकृति के दोहन के प्रभावों, लगातार हो रहे मौसम परिवर्तन के कारणों पर विचार व्यक्त किए। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डा. ममता पाण्डेय ने विश्व पर्यावरण दिवस की थीम -अब केवल जलवायु पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए जीवनशैली, नेतृत्व, जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की। कहा कि पर्यावरण में होने वाले परिवर्तनों से न सिर्फ भारत प्रभावित हैं बल्कि आज यह एक वैश्विक समस्या बन चुका है। सभी को एक मंच पर आ कर पर्यावरण को संरक्षित करने आवश्यकता है। डा. निर्मला ने जलवायु परिवर्तन पर प्रकाश डाला। संतोष भारती ने वर्तमान समय में वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। इस दौरान डा. फरजाना अज़ीम, भाष्करानंद, सपना आर्या, अनिल, मुकेश, ललित, प्रेम आदि मौजूद रहे।
