🔳 जान जोखिम में डाल आवाजाही को मजबूर हुए पर्यटक व यात्री
🔳 बारिश में शुरु हो जा रहा पत्थर व मलबा गिरने का सिलसिला
🔳 पहाड़ी के उपचार को ठोस उपाय न होने से बिगड़ रहे हालात
🔳 एनएच ने टीएचडीसी से सर्वे करने को लिखा पत्र
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर दोपांखी की अतिसंवेदनशील पहाड़ी से बारिश में गिरते पत्थर व मलबा बड़ी घटना की ओर इशारा कर रहे हैं। हाईवे चौड़ीकरण के लिए खोदी गई पहाड़ी के उपचार को ठोस उपाय न होने से पहाड़ी का स्वरुप बिगड़ता जा रहा है। पहाड़ की सैर को निकलने वाले पर्यटक व यात्री कमजोर पड़ चुकी पहाड़ी के नीचे से जान हथेली पर रख आवाजाही को मजबूर हो चुके हैं।
लगभग पांच वर्ष पूर्व मूसलाधार बारिश से उफान पर आई शिप्रा नदी ने दोपांखी क्षेत्र में हाईवे की बुनियाद को भारी नुकसान पहुंचाया। हाईवे का बड़ा हिस्सा उफनाई नदी में समा गया। कई दिनों तक आवाजाही ठप रहने के बाद एनएच विभाग ने पहाड़ी को लोडर मशीन से काट बामुश्किल यातायात सुचारु करवाया। कुछ महीने बाद एक बार फिर हाईवे चौड़ीकरण कर अतिसंवेदनशील पहाड़ी को लोडर मशीनों की मदद से खोद डाला गया। पहाड़ी के एक हिस्से में थोड़ी बहुत ब्लाक निर्माण कर इतिश्री कर दी गई। वर्तमान में हालात बिगड़ने लगे हैं। हल्की सी बारिश में ही पहाड़ी दरकने का सिलसिला शुरु हो जा रहा है। पहाड़ी से पत्थर गिरने से आवाजाही खतरनाक हो चुकी है। स्थानीय मनीष तिवारी, गौरव पंत, शिवराज सिंह बिष्ट, विरेन्द्र सिंह, संजय सिंह, गजेंद्र सिंह नेगी आदि के अनुसार यदि समय रहते पहाड़ी के उपचार को ठोस उपाय नहीं किए गए तो कभी भी बड़ी घटना सामने आ सकती है। क्षेत्रवासियों ने पहाड़ी के हालातों में सुधार व सुरक्षित आवाजाही को गंभीरता से कदम उठाए जाने की मांग एनएच प्रशासन से की है। एनएच के सहायक अभियंता रमेश चंद्र पांडे के अनुसार पहाड़ी की सर्वे के लिए टिहरी हाइड्रो डवलमेंट कारपोरेशन (टीएचडीसी) को पत्राचार किया गया है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कदम बढ़ाएं जाएंगे।
