🔳 भवाली पार्किंग में दी गई थी मलबे के निस्तारण की अनुमति
🔳 मनमानी कर अफसरों के आदेशों को किया दरकिनार
🔳 काकड़ीघाट के बाद अब गरमपानी में केएमवीएन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
🔳 प्रतिबंध के बावजूद शिप्रा नदी क्षेत्र में मलबा डालने पर लोगों में रोष
🔳 अवर अभियंता बोले – नोटिस भेज करेंगे कार्रवाई, लगाएंगे जुर्माना
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर गरमपानी स्थित निर्माणाधीन पैट्रोल पंप में लगे मलबे के ढेर को नियमों की धज्जियां उड़ाकर दोपांखी क्षेत्र में शिप्रा नदी की ओर पलट दिए जाने से विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भवाली स्थिति पार्किंग में मलबे के निस्तारण की अनुमति होने के बावजूद नदी क्षेत्र में मलबा डालने पर लोगों ने गहरी नाराजगी जताई है। केएमवीएन के अवर अभियंता हरीश शर्मा के अनुसार मलबे को भवाली पार्किंग में निस्तारण की अनुमति दी गई थी। ठेकेदार को नोटिस भेज जुर्माना भी लगाया जाएगा।
गरमपानी क्षेत्र में केएमवीएन के प्रस्तावित पैट्रोल पंप परिसर से मलबे के निस्तारण को भवाली स्थित पार्किंग में निस्तारण की अनुमति दी गई। बकायदा इसके लिए विभागीय स्तर पर खनन विभाग को शुल्क भी अदा कर दिया गया। पार्किंग में मलबा निस्तारण की अनुमति मिलने के बावजूद शनिवार को नियमों की धज्जियां उड़ा दी गई। भारी भरकम डंपरों के जरिए भारी मात्रा में मलबे को दो पांखी क्षेत्र में शिप्रा नदी की ओर पलट दिया गया। नदी में मलबा डाले जाने पर प्रतिबंध होने के बावजूद खुलेआम मलबा डाल दिए जाने से कुमाऊं मंडल विकास निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। लोगों ने भवाली पार्किंग में मलबा निस्तारण की अनुमति के बावजूद शिप्रा नदी में मलबा डाले जाने पर गहरी नाराजगी जताई। अस्तित्व बचाने को जूझ रही शिप्रा नदी में मलबा डालने पर कार्रवाई पर जोर दिया। केएमवीएन के अवर अभियंता हरीश शर्मा के अनुसार मलबा निस्तारण की अनुमति भवाली पार्किंग के लिए दी गई थी। शिप्रा नदी में मलबा डालने पर ठेकेदार को नोटिस भेजा जाएगा। नियमानुसार कार्रवाई भी होगी।
