🔳 करोड़ों रुपये का बजट खर्च होने के बाद अब सिमेंट बना सहारा
🔳 विभागीय कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल
🔳 विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने जताया रोष
🔳 हाईवे बनता जा रहा सरकारी बजट ठिकाने लगाने का जरिया
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे की हालत में सुधार को 30 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च होने के बाद अब उधड़ चुकी भ्रष्टाचार की परतों पर पर्दा डालने को सिमेंट का लेप लगाकर गड्ढों को पाटने की कवायद शुरु हो गई है। करोड़ों रुपये का बजट खर्च होने के बाद अब सिमेंट के इस्तेमाल से एनएच विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया की हाईवे सरकारी बजट को ठिकाने लगाने का जरिया बन चुका है।
कुमाऊं के महत्वपूर्ण हाईवे को गड्डे मुक्त करने को एनएच प्रशासन ने अब नई तरकीब ढूंढ निकाली है। सड़क व भूतल मंत्रालय भारत सरकार ने हाईवे पर सुरक्षित व सुगम आवाजाही को तीस करोड़ रुपये से भी अधिक का बजट स्वीकृत किया। उम्मीद थी की बजट उपलब्ध होने के बाद हाईवे के हालातों में सुधार हो सकेगा पर उम्मीदें धरी की धरी रह गई। करोड़ों रुपये का बजट खर्च होने के बाद हाईवे पर जगह जगह गड्डे होने से यात्री व पर्यटक जान जोखिम में डाल आवाजाही को मजबूर हो गए। सुप्रसिद्ध कैंची धाम क्षेत्र में हाईवे की बदहाली से विभिन्न राज्यों से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं तक को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा वहीं जगह जगह गड्डे होने से आवाजाही बेहद ख़तरनाक हो गई। हाईवे पर आवाजाही करने वाले वाहन चालकों व यात्रियों के सफर बेहद ख़तरनाक होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करने के बाद एनएच विभाग की कुंभकरणीय नींद तो टूट गई पर हाईवे को गड्डे मुक्त करने को विभाग ने नया तरीका खोज निकाला है। करोड़ों रुपये के बजट से किए गए डामरीकरण के उखड़ने के बाद अब विभाग ने गड्डे पाटने को सीमेंट का सहारा ले लिया है। महत्वपूर्ण हाईवे पर सिमेंट का लेप लगाएं जाने से विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है वहीं लोगों नहीं गहरा रोष भी जताया है। देवभूमि व्यापार मंडल अध्यक्ष पुष्कर सिंह पनौरा, प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी, क्षेत्रिय जन विकास संघर्ष समिति अध्यक्ष मनीष तिवारी, विरेन्द्र सिंह बिष्ट, सुनील मेहरा, संजय सिंह बिष्ट, प्रेम नाथ गोस्वामी, बिशन सिंह जंतवाल, भैरव, कुंदन, फिरोज आदि ने घटिया कार्य के दम तोड़ तोड़ जाने के बाद अब सिमेंट के इस्तेमाल किए जाने पत्र गहरा रोष जताया है। आरोप लगाया की गुणवत्ता विहीन कार्य कर सरकारी बजट ठिकाने लगाकर जनहित से खिलवाड़ किया जा रहा है। दो टूक चेताया है की जल्द ही एनएच विभाग के खिलाफ जनांदोलन की रुपरेखा तैयार की जाएगी।
