🔳 पेड़ में तैयार आडू के फल को कर डाला तहस नहस
🔳 बग़ीचे की हालत देख किसान हुए मायूस
🔳 दिल्ली, मुंबई, लखनऊ जैसे शहरों में यहां के आड़ू की धाक
🔳 किसानों ने नुकसान का उचित मुआवजे की उठाई मांग
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]

मौसम के एकाएक करवट बदलने के बाद तेज बारिश व ओलावृष्टि से रामगढ़ ब्लॉक के हली समेत आसपास के गांव के फल उत्पादक किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ओलावृष्टि से आडू की तैयार फसल को तहस नहस कर डाला। किसानों ने नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा उपलब्ध कराए जाने की मांग उठाई है।
जंगली जानवरों के उत्पात से पहले ही नुकसान झेल रहे फल व सब्जी उत्पादक किसानों के लिए अब ओलावृष्टि ने कहर बरपाया है।शनिवार को मौसम का एकाएक मिजाज बदलने के बाद शुरु हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि ने हली गांव में अषाढी़ प्रजाति के आडू की उपज को तहस-नहस का डाला। पेड़ो में तैयार फल को ओलों ने बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। ओलावृष्टि थमने के बाद बगीचे का हाल देख किसान मायूस हो गए। हजारों रुपये का नुकसान होने से किसान खुद की किस्मत को कोसने को मजबूर है। हली गांव के बेहद स्वादिष्ट माने जाने वाले आडू की डिमांड दिल्ली, मुंबई, लखनऊ जैसे शहरों में बहुत अधिक है पर ओलावृष्टि से फल को नुकसान होने से अब आपूर्ति प्रभावित होने का अंदेशा है। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, गोधन सिंह बिष्ट, सोबन सिंह, नंदन सिंह, बालम सिंह, वीरेंद्र सिंह, दामोदर जोशी, धर्मानंद पांडे आदि किसानों ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिए जाने की मांग शासन प्रशासन से की है।

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