🔳 विपक्षियों व धुर विरोधियों को भी कर दिया सोचने पर मजबूर
🔳 देहरादून से हल्द्वानी तक जगह जगह स्वागत में उमड़ा सैलाब
🔳 धुर विरोधियों के माथे पर खिंच दी चिंता की लकीरें
🔳 वरिष्ठ कांग्रेसियों के साथ युवाओं ने भी किया पूर्व सीएम का खैरमकदम
🔳 चिर-परिचित अंदाज में फिर मचाई हरदा ने धूम
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]
पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के खांटी नेताओं में शुमार हरीश रावत की धन्यवाद व जनसंवाद यात्रा ने दिल्ली से देहरादून व हल्द्वानी तक नाउम्मीद बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में कंरट पैदा कर दिया है। जिस ऊर्जा व अपनेपन के साथ जगह जगह लोगों ने हरदा का स्वागत किया इससे इतना जरुर स्पष्ट हो गया है कि हरीश रावत उम्र के इस पड़ाव में वन मैन आर्मी की भूमिका में हैं। कांग्रेस प्रभारी के पत्र के बाद जिस तेजी के साथ जगह जगह लोगों ने घरों से निकलकर हरदा का स्वागत किया इससे यह भी स्पष्ट हो गया है की हरीश रावत ही उनकी पहली चाहत है।
पूर्व सीएम हरीश रावत के ओएसडी के घर हुई ईडी की छापेमारी व पूर्व सीएम से हुई पूछताछ के बाद लगा था कि अब हरीश रावत बैकफुट पर आ जाएंगे पर हमेशा अपने चिर-परिचित अंदाज में हरदा ने एकबार फिर जोरदार वापसी ही नहीं की बल्कि ताबड़तोड़ दौरा कर अंदरुनी व बाहरी विरोधियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी। दिल्ली से देहरादून और फिर हल्द्वानी तक जिस अंदाज में कार्यकर्ताओं ने पूर्व सीएम हरीश रावत का स्वागत किया इससे साफ हो गया है कि आज भी हरदा लोगों के दिल में उतनी ही जगह बनाएं हुए जितने पहले वो लोगों की पसंद रहे हैं। पूर्व सीएम की इस धन्यवाद व जनसंवाद यात्रा से खासबात यह भी सामने आई है की वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही युवाओं ने हरदा के स्वागत में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। हरदा की इस यात्रा ने जहां विपक्षी खेमें को चिंता में डाल दिया वहीं कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा के पत्र जारी करने के बाद भी यात्रा जारी रहने से हरदा के कुछ धुर विरोधी भी मुंह के बल गिर गए हैं। हालांकि हरीश रावत जहां भी जा रहे वहां कांग्रेस पार्टी की मजबूती पर जोर दे रहे हैं बावजूद पार्टी हाईकमान से पत्र जारी होना तमाम सवाल खड़े कर रहा है। बहरहाल पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का जिस प्रकार लोग खैरमकदम कर रहे हैं इससे स्पष्ट हो गया है कि आज भी हरीश रावत ही उनकी चाहत है। अब देखना रोचक होगा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत धन्यवाद व जनसंवाद यात्रा के बाद अगला कदम क्या उठाते हैं जिससे विपक्ष खेमे के साथ ही उनके धुर विरोधियों को पटखनी मिलती है।
