🔳 कैंची धाम क्षेत्र में शोपीस बना नवनिर्मित चिकित्सा केंद्र
🔳 जरुरत पड़ने पर गरमपानी व भवाली रुख करना बन चुकी मजबूरी
🔳 प्राथमिक उपचार तक की सुविधा नहीं है उपलब्ध
🔳 सुप्रसिद्ध धाम में स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी पर खड़े हुए सवाल
🔳 केंद्र को संचालित किए जाने की उठी पुरजोर मांग
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]
देश दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं के आस्था के केंद्र सुप्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं के प्राथमिक उपचार तक की सुविधा उपलब्ध न होने से तमाम गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। रोजाना हजारों बाबा भक्त कैंची धाम पहुंचते पर स्वास्थ्य सुविधाएं शून्य है यह हालत तब है जब आश्रम के समीप ही भारी भरकम सरकारी बजट से चिकित्सा केंद्र बनकर तैयार भी हो चुका है। विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों व सदस्यों ने चिकित्सा केंद्र का संचालन शुरु करवाए जाने की मांग उठाई है।
हाईवे पर स्थित सुप्रसिद्ध नींब करौरी आश्रम में रोजाना हजारों भक्त बाबा के दर पर मत्था टेकने पहुंचते हैं। बीते शनिवार को रिकार्डतोड श्रद्धालु बाबा के दर पर पहुंचे। हजारों भक्तों के पहुंचने से व्यवस्थाओं का दम फूल गया। हाईवे पर आवाजाही करने वाले यात्री व पर्यटक भी घंटों तक जाम में फंसे रहे। रोजाना हजारों भक्तों के पहुंचने के बावजूद कैंची क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं शून्य है। जरुरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को उपचार के लिए दस किमी दूर सीएचसी गरमपानी तथा सीएचसी भवाली ले जाया जाता है। राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ दिलाने के उद्देश्य से आश्रम के समीप हाईवे पर चिकित्सा केंद्र के लिए भारी भरकम बजट भी उपलब्ध करवाया पर जिम्मेदारों की अनदेखी से भारी भरकम बजट से तैयार चिकित्सा केंद्र बंद पड़ा हुआ। आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालु हाईवे पर बने केंद्र में दवाई व उपचार उपलब्ध होने की उम्मीद से पहुंचते हैं पर केंद्र के बंद होने से उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट, क्षेत्रीय जन विकास संघर्ष समिति अध्यक्ष मनीष तिवारी, प्रेम नाथ गोस्वामी, बिशन जंतवाल, सुनील मेहरा, गजेंद्र सिंह आदि ने जल्द चिकित्सा केंद्र का संचालन शुरु करवाए जाने की मांग उठाई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी की चिकित्सा प्रभारी डा. अभिलाषा पांडे के अनुसार चिकित्सा केंद्र के भवन अभी हेडओवर नहीं हुआ है। भवन मिलते ही केंद्र का संचालन शुरु करवाया जाएगा। फिलहाल प्रत्येक शनिवार व रविवार को स्वास्थ्य कर्मी आश्रम में तैनात रहते हैं।
