🔳 कुमाऊं कमिश्नर ने विभिन्न विभागों के अफसरों साथ किया मंथन
🔳 जल्द धरातल पर उतरेगी नई व्यवस्था, मिलेगी राहत
🔳 शिप्रा नदी में नहाने पर सख्ती से लगेगी रोक
🔳 श्रद्धालुओं व पर्यटकों से मनमाने पैसे वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई
🔳 होटल, रेस्टोरेंट व दुकानों में रेट लिस्ट होगी अनिवार्य
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित सुप्रसिद्ध कैंची धाम व सरोवर नगरी नैनीताल पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए जल्द ही नई व्यवस्थाएं धरातल में उतरेगी। कुमाऊं कमिश्नर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ जाम की समस्या के समाधान को मंथन किया। बैठक में कैंची धाम में पर्यटकों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। भीड़भाड़ वाले समय में बिना होटल व ट्रैवल बुकिंग के पर्यटकों की आवाजाही को नियंत्रित करने की भी तैयारी है।
नैनीताल में हुई बैठक में कैंची धाम में बढ़ते पर्यटक दबाव को देखते हुए अलग रुट निर्धारित करने व वीकेंड पर शटल सेवा संचालित करने पर जोर दिया गया। नैनीताल- कैंची धाम मार्ग को अल्मोड़ा, बागेश्वर व पिथौरागढ़ जाने वाले स्थानीय लोगों व यात्रियों के लिए सुचारु रखने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी में नहाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पर्यटकों से ओवररेटिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए होटल, रेस्टोरेंट व दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। होटल, दुकानों में सामान व सेवाओं की रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। बैठक में नई व्यवस्था का उद्देश्य कैंची धाम तथा नैनीताल में बढ़ती पर्यटकों की भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना व पर्यटकों को निर्धारित दरों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर फोकस रहा। बैठक में विभिन्न विभागों के आलाधिकारी मौजूद रहे।
