🔳 एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा भिड़ गए भाजपा व कांग्रेस पदाधिकारी
🔳 पुलिस व आसपास मौजूद लोगों ने बामुश्किल किया शांत
🔳 विधायक सरिता को भी करना पड़ा भारी विरोध का सामना
🔳 भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद अब चढ़ा सियासी पारा
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]
बेतालघाट में तीन सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले चार दिनों से चल रही भूख हड़ताल भले ही समाप्त हो गई पर आंदोलन स्थल अखाड़े में तब्दील रहा जहां एक ओर विधायक सरिता आर्या को धरना स्थल पर पहुंचते ही भारी विरोध का सामना करना पड़ा।आंदोलनकारियों ने भी उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई वहीं भाजपा व कांग्रेस के पदाधिकारी भी आपस भीड़ गए। आसपास मौजूद लोगों व पुलिसकर्मियों ने बामुश्किल स्थित को काबू किया हालांकि हंगामे से धरना स्थल पर मौजूद लोग भी सख्ते में आ गए।
बेतालघाट में तीन सूत्रीय मांगों को लेकर चली आ रही भूख-हड़ताल विधायक के आश्वासन बाद बीते शुक्रवार को समाप्त हो गई। धरना स्थल पर पहुंची विधायक सरिता आर्या को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आंदोलन के समर्थन में बैठी महिलाओं ने तक विधायक के खिलाफ नारेबाजी कर नाराजगी जताई। भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों ने भी विधायक को खूब खरी-खोटी सुनाई हालांकि बाद में विधायक से मिले आश्वासन के बाद भूख हड़ताल समाप्त कर दी गई। इसी बीच ब्लॉक में तैनात कनिष्ठ अभियंता के तबादले समेत कई अन्य मुद्दों पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शेखर दानी व भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रताप बोहरा के बीच तीखी बहस हो गई। मामला तू तू मैं मैं तक पहुंच गया। हंगामा बढ़ने पर मौजूद लोगों व पुलिसकर्मियों ने बामुश्किल दोनों पक्षों को अलग अलग किया। हंगामें से आंदोलनस्थल पर भी हड़कंप मच गया। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शेखर दानी ने आरोप लगाया कि बेवजह कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। विकास कार्यों को भी प्रभावित करने को दबाव की राजनीति की जा रही है। भाजपा मंडल अध्यक्ष बेतालघाट प्रताप बोहरा के अनुसार मामले से कोई लेना देना नहीं है। नियमानुसार कार्य होने चाहिए। केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
