🔳 छड़ा, जौरासी व मनर्सा गांव में सिंचाई हुई प्रभावित
🔳 पानी न मिलने से किसान चिंतित, सूखने लगे खेत
🔳 व्यवस्था में सुधार को स्टेबलाइजर लगाने की उठी मांग
🔳 सहायक अभियंता बोले – उच्चाधिकारियों को भेजेंगे प्रस्ताव
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]
छड़ा समेत आसपास के गांवों में सिंचाई पंपिंग योजना के ठप होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। पिछले कई दिनों से सिंचाई को पानी उपलब्ध न होने से काश्तकार परेशान हैं जबकि खेत भी सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। किसानों ने जल्द व्यवस्था में सुधार किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वोल्टेज की समस्या के कारण पंप न चल पाने से समस्या आई है।
बेतालघाट ब्लॉक के छड़ा, जौरासी व मनर्सा समेत आसपास के गांवों के किसानों को कोसी नदी से पंपिंग योजना के जरिए सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाता है। पिछले दो सप्ताह से भी अधिक समय से समुचित वोल्टेज न होने से पंपिंग योजना ठप पड़ गई है। योजना संचालित न होने से सैकड़ों किसान खेतों में सिंचाई के लिए बूंद बूंद पानी को तरस गए हैं। मजबूरी में किसान दूर दराज से पानी की व्यवस्था कर खेतों में सिंचाई को जुटे हुए हैं। पंप हाऊस में स्टेबलाइजर न होने से वोल्टेज के कारण सिंचाई योजना के प्रभावित होने से गांव के किसान मायूस होते जा रहे हैं। स्थानीय विरेन्द्र सिंह बिष्ट, संजय सिंह, हीरा सिंह, सुरेश सिंह, चंदन सिंह, बालम बिष्ट आदि ने पंपिंग योजना में स्टेबलाइजर लगाने पत्र जोर दिया है ताकि किसानों को योजना का शत-प्रतिशत लाभ मिल सके। गांव के लोगों ने सिंचाई पाइप लाइन के भी जर्जर हालत में पहुंचने पर गहरी नाराजगी जताई है। जल्द स्टेबलाइजर लगाने व पाइप लाइन को बदलने की मांग उठाई है। दो टूक चेतावनी दी है कि सुध नहीं ली गई तो फिर खेतीबाड़ी छोड़ आंदोलन को विवश होना पड़ेगा। नलकूप खंड रामनगर के सहायक अभियंता प्रशांत आर्या के अनुसार कई योजनाओं में स्टेबलाइजर स्थापित किए जा चुके हैं। छड़ा, मनर्सा, जौरासी में भी स्टेबलाइजर लगाने को प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा ताकि योजना का शत-प्रतिशत लाभ किसानों को मिल सके।
