🔳 मुख्य शिक्षा अधिकारी के आदेश भी साबित हुए हवा हवाई
🔳 07 शिक्षिकाओं की तैनाती के आदेश जारी होने के बाद भी रिक्त पड़े हैं पद
🔳09 प्रवक्ताओं में से एक भी प्रवक्ता ने होने से चरमराई व्यवस्था
🔳 शिक्षा विभाग की उपेक्षा से चढ़ा अभिभावकों का पारा
🔳 बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने का लगाया आरोप
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]
बेतालघाट स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में मुख्य शिक्षा अधिकारी के सात शिक्षिकाओं की तैनाती के आदेशों के बावजूद दो सप्ताह बीतने के बाद भी शिक्षिकाओं के कार्यभार ग्रहण न करने से अभिभावकों ने गहरी नाराजगी जताई है। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दस दिन के अंदर शिक्षिकाओं की तैनाती नहीं हुई तो विद्यालय में अध्ययनरत छात्राएं व अभिभावक धरना प्रदर्शन को विवश हो जाएंगे।
जीजीआइसी बेतालघाट में अध्ययनरत छात्राओं की आंखें शिक्षिकाओं के इंतजार में पथरा गई है। कुछ दिनों पूर्व छात्राओं ने महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ताओं व अन्य विषयों की शिक्षिकाओं के पद रिक्त पड़े होने से शिव मंदिर पहुंचकर नारेबाजी कर रोष जताया। छात्राओं के नारेबाजी की गूंज शिक्षा विभाग के अफसरों के कानों तक पहुंची तो मुख्य शिक्षा अधिकारी आरएस नेगी ने आनन फानन में महत्वपूर्ण विषयों की सात शिक्षिकाओं को जीजीआइसी में तैनाती के आदेश जारी कर दिए। आदेश जारी होने पर अभिभावकों व छात्राओं को जल्द ही शिक्षिकाओं की तैनाती की उम्मीद जगी पर तीन सप्ताह का समय बीतने के बावजूद अब तक विद्यालय में एक भी शिक्षिका ने जिम्मेदारी नहीं संभाली है। मंगलवार को शिक्षक अभिभावक संघ अध्यक्ष जींवती देवी व पूर्व अध्यक्ष सुरेश चंद्र ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र भेज अब तक शिक्षिकाओं की तैनाती न होने पर गहरी नाराजगी जताई है। आरोप लगाया की छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। वर्तमान में विद्यालय में प्रवक्ताओं के सभी पद रिक्त पड़े हुए है जिस कारण बेटियों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। मुख्य शिक्षा अधिकारी के आदेशों के बाद शिक्षिकाओं की तैनाती न होने से विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने भी गहरी नाराजगी जताई है। अभिभावकों ने भी चेताया है कि यदि जल्द तैनाती नहीं हुई तो छात्राओं को साथ लेकर आंदोलन शुरु कर दिया जाएगा।
