◾बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश लेकर रोजाना 60 किमी दौड़ रही अंजू
◾ ऊधमसिहनगर से कि है शुरुवात, पूरा उत्तराखंड दौड़ना है लक्ष्य
◾स्पोर्ट्स में बनाना चाहती थी कैरियर, नहीं मिला सहयोग तो प्रदेश दौड़कर सपना करना है पूरा
◾भाई सुजित साइकिल तो अंजू दौड़कर नाप रही दूरी

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

वाकिफ कहां जमाना, हमारी उड़ान से….. वो और थे जो हार गए आसमान से…..। ये पंक्तियां किच्छा निवासी अंजू राठौर पर एकदम सटीक बैठती है। स्पोर्ट्स में कैरियर बनाने तथा पढ़ाई में आगे तक का सफर तय करने का सपना देखा तो समाज की बेड़ियां पैरो में पड़ गई। कहीं से भी सहयोग नहीं मिला बावजूद अंजू ने हार नहीं मानी। सपना पूरा करने को अंजू बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश लेकर उत्तराखंड राज्य के सभी जनपदों के लिए निकल पड़ीं है। अंजू ने रोजाना 60 किमी दौड़ने का लक्ष्य तय किया है।
न्यू विकास कालोनी, वार्ड नंबर 16, किच्छा (ऊधमसिहनगर) निवासी अंजू ने 17 मार्च से उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में दौड़ लगाकर अनूठा रिकार्ड बनाने की ठानी है। प्रतिदिन 60 किमी दौड़ने का लक्ष्य तय किया है। बुधवार को अंजू भाई सुजित कुमार के साथ अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर रातीघाट क्षेत्र पहुंची। स्थानीय कमला पांडे ने अंजू को जलपान कराया। कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा ले चुकी अंजू राठौर ने बताया कि उसे स्पोर्ट्स में आगे बढ़ने की चाह है वही पढ़ाई में भी वह एक बेहतर मुकाम हासिल करना चाहती है। समाज के ताने रुकावट बनकर सामने आ गए। हालांकि पिता मूलचंद ने सहयोग किया बावजूद वह आगे नहीं बढ़ सकी। अब बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश लेकर वह प्रदेश के सभी जनपदों में रोजाना 60 किमी दौड़ कर लोगों को बेटियों के प्रति जागरूक करना चाहती है। उसकी तरह कोई और बेटी सफलता छूने से पीछे ना रह जाए इसके लिए वह लगातार दौड़ रही है साथ ही इस दौड़ से अपना सपना भी पूरा कर रही है। अंजू के अनुसार वह सभी जनपदों में पहुंचकर वापसी हरिद्वार में करेगी। कहा कि वह चाहती है कि समाज की किसी भी बेटी को अपना सपना पूरा करने में कोई अड़चन ना आए। बेटियां अपने बलबूते अपनी मंजिल तक पहुंचे और समाज की सोच बदलें।

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