◾टीएचडीसी को सौंपी गई है सर्वे की कमान
◾ अतिसंवेदनशील लोहाली की रिपोर्ट हुई तैयार
◾ज्योलिकोट से क्वारब तक सर्वे रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाएगी मंत्रालय

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर खतरनाक रुप ले चुकी पहाड़ियों से खतरा टालने की कवायद तेज हो गई है। पहाड़ियों से भूस्खलन रोकने को पहले चरण में सर्वे शुरु हो गई है। सर्वे की जिम्मेदारी टिहरी हाइड्रो डवलमेंट कारपोरेशन (टीएचडीसी) को सौंपी गई है। बकायदा अतिसंवेदनशील लोहाली की पहाड़ी की सर्वे कर रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है। एनएच के सहायक अभियंता जीके पांडे के अनुसार सभी जगह की रिपोर्ट मिलने के बाद सड़क व भूतल मंत्रालय को भेजी जाएगी।

कुमाऊं के महत्वपूर्ण हाईवे पर अतिसंवेदनशील पहाड़ियों से खतरा टालने को तैयारी तेज हो गई है। ज्योलिकोट से क्वारब तक जगह-जगह जर्जर हो चुकी पहाड़ियों के उपचार के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन (टीएसडीसी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले चरण में टीएचडीसी ने अति संवेदनशील लोहाली की पहाड़ी का सर्वे भी पूरा कर लिया है। भोर्या बैंड, पाडली, रातीघाट, जौरासी, दो पांखी, काकडीघाट, नावली समेत अन्य अतिसंवेदनशील पहाड़ियों की सर्वे भी शुरू कर दी गई है सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद सड़क व भूतल मंत्रालय दिल्ली को भेजी जाएगी जहां से हरी झंडी मिलने के बाद अन्य कार्य शुरू होंगे। एनएच के सहायक अभियंता जीके पांडे के अनुसार जगह-जगह पहाड़ियों से खतरा टालने को सर्वे शुरू की गई है। टीएचडीसी से रिपोर्ट मिलने के बाद सड़क व भूतल मंत्रालय के उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।

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