🔳 चार महीने से बारिश न होने से किसान चिंतित
🔳 हाड़तोड़ मेहनत के बाद भी खेतों में नहीं दिख रही पैदावार
🔳 बाजार से अनाज व अन्य सब्जियां खरीदने को मजबूर हुए किसान
🔳 विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने किसानों को मुआवजा देने की मांग
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]
पर्वतीय क्षेत्रों में गेहूं की उपज के बाद अब गोभी, प्याज व लहसुन की उपज पर भी संकट मंडरा गया है। चार महीने से भी अधिक समय से बारिश न होने से खेत सूखने के कगार पर पहुंच चुके हैं। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने किसानों को मुआवजा दे राहत देने की मांग उठाई है।
इंद्रदेव के रुठने से पहाड़ के किसान मायूस हो चुके हैं। बारिश न होने से किसान अब तक गेहूं की बुआई तक नहीं कर सके हैं। वहीं अब खेतों में गोभी, प्याज व लहसुन की पैदावार भी चौपट होने के कगार पर पहुंच चुकी है। खेतों में पैदावार कहीं नजर ही नहीं आ रही। हाड़तोड़ मेहनत के बाद किसानों ने खेत तैयार कर गोभी, प्याज व लहसुन की बुआई की पर वर्तमान में खेतों के हालात किसानों के माथे पर चिंता की लकिरे गहरा गई है। खुद के खाने के लिए भी किसान बाजार पर निर्भर हो चुके हैं। बारिश न होने से मायूस किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए देखने को मजबूर हो रहे हैं पर इंद्रदेव मेहरबान नहीं हो रहे। क्षेत्रिय जन विकास संघर्ष समिति उपाध्यक्ष मनोज सिंह बिष्ट के अनुसार लंबे समय से किसान नुकसान उठा रहे हैं। मौसम चक्र के बदलने व जंगली जानवरों तथा बंदरों के उत्पात से खेतीबाड़ी मुश्किल होती जा रही है। लगातार नुकसान के कारण किसानों का खेती से मोहभंग भी होता जा रहा है जिस कारण गांवों में खेत बंजर होते जा रहे हैं। संगठन के विरेन्द्र सिंह, गजेंद्र सिंह, सुनील मेहरा, कुलदीप सिंह खनायत, गोविंद सिंह, मनोज नैनवाल, दीवान सिंह, मनोज दानी, कुबेर सिंह जीना आदि ने किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग उठाई है।
